जालंधर के थाना भार्गव कैंप के पीछे सरकारी जमीन पर रातों-रात हुए अवैध निर्माण ने सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा नेता और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री महिंद्र भगत पर अपने रिश्तेदारों और चहेतों को करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा करवाने का सीधा आरोप लगाया है। अंगुराल का दावा है कि जिस जमीन पर पार्क बनना था, वहां रातों-रात दीवारें खड़ी कर दी गई हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और नगर निगम कमिश्नर व पुलिस कमिश्नर से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। रातों-रात खड़ी कर दी गईं दीवारें जालंधर में सरकारी जमीन के कथित ‘लैंड स्कैम’ का मामला उस समय गरमा गया जब पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर थाना भार्गव कैंप के पीछे हो रहे अवैध निर्माण का खुलासा किया। अंगुराल ने वीडियो दिखाते हुए आरोप लगाया कि जिस जगह पर कुछ ही दिनों में सरकारी पार्क का उद्घाटन होना था, वहां कैबिनेट मंत्री महिंद्र भगत के संरक्षण में अवैध दीवारें और दुकानें खड़ी कर दी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इस जमीन की रजिस्ट्री पहले से किसी के पास थी, तो ये ‘मालिक’ पिछले 30 सालों से कहां गायब थे? दिल्ली के ‘बाबुओं’ को खुश करने का आरोप शीतल अंगुराल ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये वसूल कर और दिल्ली में बैठे उच्च अधिकारियों (बाबुओं) को खुश करने के लिए इस बेशकीमती सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मंत्री जी सिर्फ अपने चहेतों और रिश्तेदारों को ही जमीन बांट रहे हैं, तो भार्गव नगर के उन गरीब और बेघर लोगों को भी जगह दी जानी चाहिए जो सालों से सिर छुपाने की छत के लिए तरस रहे हैं। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग इस मामले को लेकर शीतल अंगुराल ने जालंधर नगर निगम कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर से संपर्क साधा है और मांग की है कि इस अवैध कब्जे को तुरंत रुकवाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी संपत्ति की इस तरह बंदरबांट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा नेता ने स्पष्ट रूप से इस जमीन घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि पर्दे के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।


