जालंधर के डॉक्टर बीआर अंबेडकर चौक पर शनिवार रात एक फायर ब्रिगेड वाहन और बीएमडब्ल्यू कार के बीच टक्कर हो गई। इस घटना के बाद फायर ब्रिगेड के एक कर्मचारी ने थाना चार की प्रभारी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सड़क पर वाहनों के खड़े होने से राहगीरों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। फायर ब्रिगेड के मुलाजिमों ने बताया कि उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी कार चालक ने उसमें टक्कर मार दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार चालक ने खुद को सुखबीर बादल का करीबी बताते हुए पुलिस को बुलाया और उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। तेज रफ्तार कार ने खड़ी गाड़ी में टक्कर मार दी फायर ब्रिगेड अधिकारी रजिंदर कुमार सहोता ने जानकारी दी कि सतगुरु श्री रविदास जी की शोभायात्रा के लिए डॉक्टर बीआर अंबेडकर चौक के पास उनकी गाड़ी सुरक्षा के लिए तैनात थी। उन्होंने बताया कि एक बीएमडब्ल्यू कार चालक ने तेज रफ्तार से आकर खड़ी गाड़ी में टक्कर मार दी। सहोता के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार चालक अपनी गलती मानने के बजाय उन पर आरोप लगाने लगा और खुद को सुखबीर बादल का करीबी बताकर अपशब्द कहे। थाना चार की प्रभारी पर पक्षपात का आरोप रजिंदर कुमार सहोता ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची थाना चार की प्रभारी अनु पलयाल ने पक्षपात करते हुए बिना बात सुने उनकी गलती निकाली और उन्हें थाने ले जाने का दबाव बनाने लगीं। इस पर फायरकर्मी और कार चालक के बीच बहस बढ़ गई, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई और यातायात बाधित हुआ। SHO ने आरोपों का खंडन किया वहीं, थाना चार की प्रभारी अनु पलयाल ने आरोपों का खंडन किया। उन्होंने बताया कि उनकी टीम को डॉक्टर बीआर अंबेडकर चौक पर दुर्घटना और हंगामे की शिकायत मिली थी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने फायर ब्रिगेड कर्मी और कार चालक दोनों से लाइसेंस मांगे। कार चालक ने लाइसेंस दिखाया, लेकिन फायर ब्रिगेड कर्मी ने लाइसेंस देने से इनकार कर दिया। पलयाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल जांच के लिए थाने चलने को कहा गया था और किसी भी तरह का कोई पक्षपात नहीं किया गया।


