जालोर शहर में सोमवार शाम पारंपरिक उत्साह के साथ होलिका दहन किया गया। सदर बाजार से निकली इलोजी (आनंद भैरूजी) की भव्य बारात भक्त प्रहलाद चौक पहुंची, जहां पटवारी कैलाश माली और पंचों की मौजूदगी में शुभ मुहूर्त में होलिका दहन संपन्न हुआ। मान्यता अनुसार बारात के पहुंचने से पहले ही होलिका दहन होने से आनंद भैरू की शादी होलिका से नहीं हो सकी, हालांकि स्वागत और तोरण की रस्में विधिवत निभाई गईं। इससे पूर्व जालोर दुर्ग पर भी होलिका दहन किया गया। शहरभर में निकली आनंद भैरू की बारात शाम करीब 6 बजे सदर बाजार से इलोजी (आनंद भैरूजी) की बारात डीजे की धुन पर रवाना हुई। व्यापारी और शहरवासी बाराती बनकर मुख्य बाजार, सूरज पोल, भीनमाल बाईपास, राजेंद्र नगर, अस्पताल चौराहा, हरिदेव जोशी सर्कल और पंचायत समिति मार्ग से होते हुए बड़ी पोल के बाहर भक्त प्रहलाद चौक पहुंचे। बारात के पहुंचते ही होलिका दहन की रस्म अदा की गई। इसके बाद आनंद भैरू ने जलती होली के फेरे लिए और सभा का आयोजन हुआ। महिलाओं ने फागुन गीत गाकर उत्सव में रंग भरा। लूर नृत्य और फागुन गीतों की गूंज भक्त प्रहलाद चौक में होलिका दहन से पूर्व महिलाओं ने फागुन गीतों पर पारंपरिक लूर नृत्य प्रस्तुत किया। पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों और गीतों की गूंज से माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा। बच्चों को दिलाया गया आशीर्वाद होलिका दहन के दौरान शहरवासियों ने अपने बच्चों को जलती होलिका की परिक्रमा करवाई और आशीर्वाद दिलाया। मान्यता है कि इससे बच्चों को बुरी नजर से रक्षा मिलती है। कई लोग आग में गेहूं की बालियां सेंकते भी नजर आए। शहर के सिरे मंदिर रोड, रबारवाड़ा, बोलड़ी बेरा और आशापूर्णा कॉलोनी सहित विभिन्न स्थानों पर भी होलिका दहन किया गया। होली के PHOTOS …


