जालोर में गणपत-हत्याकांड का डेढ़ साल बाद भी खुलासा नहीं:बेटे-बेटी ने पोस्टर के साथ निकाली रैली; चेतावनी दी तो पुलिस ने मांगे 30 दिन

जालोर में गणपत हत्याकांड का डेढ़ साल बाद भी खुलासा नहीं हो पाया। गणपत सिंह के बेटे-बेटी ने सोमवार को पोस्टर के साथ रैली निकाली। इसके बाद परिजन ने अनशन और प्रदर्शन की चेतावनी दी तो पुलिस ने 30 दिन का समय मांगा है। गणपत हत्याकांड जिले के रामसीन थाना इलाके के मोडोली गांव में हुआ था। आरोपी अब तक पुलिस की पहुंच से दूर हैं। सोमवार को रामसीन में परिजन एकजुट हुए और अनशन की धमकी दी। इस पर रामसीन पुलिस ने परिजन को समझाया और रैली को वहीं रोक दिया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि 15 से 30 दिन का समय दिया जाए। मंदिर में बैठक, पैदल मार्च किया नाराज परिजन ने समाज के साथ रामसीन के आपेश्वर महादेव मंदिर में बैठक की। वहां से जिला मुख्यालय जालोर में अनशन प्रदर्शन करने के लिए वे पैदल रवाना हुए। बैठक में पहुंचे जांच अधिकारी एएसपी भूपेन्द्र सिंह और रामसीन थानाधिकारी अरविंद कुमार ने पीड़ित परिवार और परिजनों को समझाया। पुलिस ने बताया कि मामले में जांच चल रही है। 26 फरवरी को नार्को टेस्ट के लिए और 4 मार्च को हाईकोर्ट में पेशी है। कोर्ट से नार्को टेस्ट की परमिशन मिली तो मामला आगे बढ़ेगा। इसलिए पुलिस को 15 से 30 दिन का समय चाहिए। 45 मिनट चली वार्ता के बाद परिजन ने पुलिस को 5 मार्च तक का समय दिया। ऐसे में सोमवार से शुरू होने वाला धरना आज टल गया। अगस्त 2024 में हुई थी व्यापारी गणपत की हत्या गणपत सिंह राजपूत पुत्र रणजीत मांडोली के रहने वाले व्यापारी थे। 27 अगस्त 2024 की शाम वे दुकान से घर के लिए निकले थे। रात तक घर नहीं लौटे तो परिजन ने रामसीन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन 28 अगस्त को सिकवाड़ा रोड पर सुनसान जगह गणपत की लाश मिली। जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई, लेकिन खुलासा नहीं कर सकी। इसके बाद परिजन ने रामसीन थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। तत्कालीन एएसपी ने 10 दिन में खुलासे का आश्वासन दिया था। फिर भी खुलासा नहीं होने पर जिला मुख्यालय पर खुलासे की मांग को लेकर बड़ी संख्या राजपूत सहित अन्य समाज के लोगों के साथ प्रदर्शन किया। वहां करीब 15 दिन तक धरने पर बैठे। लेकिन अभी तक इस मामले का खुलासा नहीं हुआ है। गणपत की पत्नी भारती कंवर ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। परिजन ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप के गवांडे और एसपी शैलेन्द्र सिंह को ज्ञापन देकर तीन दिन बाद भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी मामले का खुलासा नहीं हुआ तो नाराज होकर गणपत सिंह की 80 साल की मां हवा कंवर, पत्नी भारती (40), भाभी प्रकाश कंवर (45), भाभी धीरज कंवर (42), हार्ट पेशेंट भाई अभय सिंह (54) 16 नवंबर को जिला कलेक्ट्रेट जालोर के सामने 9 दिन तक भूख हड़ताल पर रहे थे। जालोर जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी, कलेक्टर व एसपी के कहने पर परिजनों ने एक माह का अल्टीमेटम देकर भूख हड़ताल समाप्त की थी। इसके बाद भी 3 महीने बीत जाने के बावजूद खुलासा नहीं हुआ तो अनशन की चेतावनी दी है।

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