जालोर में बुधवार को तीन दिवसीय ‘अमृता हाट’ मेले की शुरुआत हुई। 27 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूहों की 50 स्टॉल पर हस्तनिर्मित और देसी उत्पाद मिलेंगे। मेला रोजाना सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शहीद भगतसिंह स्टेडियम में मेले का शुभारंभ किया गया। 50 स्टॉल पर मिल रहे हस्तनिर्मित और देसी उत्पाद महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक लक्ष्मणसिंह सिलोर ने बताया- मेले में मिट्टी के बर्तन, टेरीकोटा, मीनाकारी, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, रेडीमेड गारमेंट्स, नेट की साड़ियां, सूट, श्रृंगार सामग्री, पूजा थाली, मार्बल की मूर्तियां, जूट का सामान और कठपुतलियां आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा मूंग पापड़, आम पापड़, नमकीन, दलिया, हींग, अचार, मुरब्बा, केर, सांगरी, कुमठिया सहित शुद्ध देशी खाद्य उत्पाद भी उचित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मेले का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों और उद्यमी महिलाओं द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करना है। मेले में सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम भी अमृता हाट के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 25 फरवरी (दोपहर 2 बजे): बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आमुखीकरण कार्यक्रम 26 फरवरी: मिस एंड मिसेज अमृता हाट प्रतियोगिता 27 फरवरी (शाम 4 बजे): समापन समारोह और पुरस्कार वितरण शुभारंभ अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। तीन दिन तक चलने वाला यह मेला न केवल खरीदारी का अवसर है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने की एक सशक्त पहल भी है।


