जिले में कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में 636 कैंसर रोगियों का पंजीयन किया गया है। सबसे अधिक 329 रोगी मुंह के कैंसर से ग्रसित है। महिलाओं में स्तन कैंसर के 150 तथा गर्भाशय कैंसर के 157 केस है। जिला अस्पताल में पिछले साल 119 कैंसर मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। कैंसर दिवस पर जिला अस्पताल में रोकथाम व जागरूकता को लेकर मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। अस्पताल के गायनिक, मेडिसिन, डेंटल, सर्जरी व ईएनटी विभाग में कुल 289 रोगियों की स्क्रीनिंग हुई। अस्पताल अधीक्षक डॉ. हनुमानराम चौधरी का कहना है कि जिले में कैंसर के केस बढ़ रहे है। कैंसर के प्रारंभिक स्तर पर इलाज से रोगी स्वस्थ्य हो सकता है। कैंसर की जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रेरित किया जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में बीमारी का डायग्नोसिस हो सके एवं उपचार शुरू कर रोग पर नियंत्रण किया जा सके। बीमारियों में कैंसर 9 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। पुरुषों में अधिकतर मुंह व फेफड़ों का कैंसर तथा महिलाओं में बच्चेदानी व स्तन कैंसर के केस अधिक होते हैं। अस्पताल में कैंसर से संबंधित मरीजों की एफएनएसी जांच की जा रही है। पैलिएटिव केयर के नोडल अधिकारी असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन डॉ. अशोक बैरवा की ओर से स्क्रीनिंग के साथ रोगियों को हाई सेंटर के लिए भेजा जा रहा है। कैंसर के लक्षणों का पता लगने के साथ ही डॉक्टर से संपर्क करें। पैथोलॉजी विभाग में बायोप्सी जांच व मरीजों की कीमो थेरेपी सुविधा भी जल्द शुरू होगी। जीएनएमटीसी सेंटर पर स्टूडेंट्स की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगी: जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र पर बीएससी नर्सिंग कॉलेज व जीएनएमटीसी के संयुक्त तत्वावधान में प्रशिक्षणार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई । प्रधानाचार्य मंगलाराम विश्नोई ने बताया कि प्रतियोगिता में 10 समूहों ने भाग लिया। प्रथम अनीता चौधरी, कांता बेनीवाल एवं जूंजाराम रहे। जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र प्रशिक्षणािर्थयों में द्वितीय खेतेश्वर चौधरी, प्रभात एवं पूजा रहे। वहीं नेहल, पूजा एवं इंद्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. हनुमानराम चौधरी, प्रधानाचार्य मनोहर डारा व उपप्रधानाचार्य लिखमाराम चौधरी ने विजेताओं को पुरस्कार दिया। प्रधानाचार्य विश्नोई ने कहा कि तनावपूर्ण जीवन एवं अनियमित दिनचर्या एवं दूषित खाद्य के कारण बीमारियांं बढ़ रही है।


