जिला अस्पताल में लगाए जा रहे फायर कंट्रोल सिस्टम:54 लाख की लागत से अस्पताल के 4 किमी में बिछाई जा रही लाइन

सरकारी अस्पताल में आगजनी जैसी आकस्मिक घटनाओं पर समय रहते काबू पाने के लिए पहली बार फायर कंट्रोल सिस्टम स्थापित होगा। जिला अस्‍पताल में अब तक फायर एक्सटिंगुइशर के भरोसे अस्पताल की व्यवस्था थी। लेकिन अब फायर कंट्रोल सिस्टम स्थापित करने के लिए 54 लाख रुपए खर्च किया जा रहा है। इसके तहत एजेंसी ने पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल की अलग-अलग यूनिट से होकर यह लाइन बिछाई जाना है, जो करीब 4 किमी के हिस्से में फैली रहेगी। आगजनी की घटना पर तुरंत रिएक्ट करते हुए इन लाइनों की मदद से पानी का छिड़काव शुरू होगा। दरअसल, अस्पतालों में अचानक होने वाली आगजनी की घटनाओं के बाद बड़ी जनहानि देखने को मिली है। खासतौर पर बच्चों को अपनी जान गंवाना पड़ी है। ऑक्सीजन लाइन होने के कारण अस्पतालों में आगजनी का अंदेशा बना रहता है। इससे निपटने के लिए अस्पतालों को फायर कंट्रोल सिस्टम के दायरे में लाया जा रहा है। इसके तहत 4 हेक्टेयर में फैले जिला अस्पताल में भी 54 लाख रुपए की लागत से यह यूनिट स्थापित करने की कवायद की जा रही है। चिल्ड्रन वार्ड में लाइन निर्माण एजेंसी के कर्मचारी ने बताया कि लखन सिंह एंड कंपनी द्वारा चिल्ड्रन वार्डों को लाइन से जोड़ा जा रहा है, इसलिए एसएनसीयू के करीब लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ है। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर और चिल्ड्रन यूनिट में एक साथ काम होगा। इसके लिए पाइप लाइन पर रंग-रोगन का काम किया जा रहा है। अस्पताल में बड़ी मात्रा में पाइप रखवाए गए है। कंपनी के इंजीनियर रादासिंह वास्कले के अनुसार, दिसंबर तक काम पूरा कर टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगा। आरएमओ डॉ. संजय जोशी के अनुसार समयसीमा में काम पूरा करने की कवायद की जा रही है। चार बोरिंग है। पानी की दिक्कतें आती है तो व्यवस्था की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *