बलौदाबाजार जिला जेल का निरीक्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला जेल विजिटर्स बोर्ड के सदस्यों ने संयुक्त रूप से जेल का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान जेल में जातिगत भेदभाव की कोई प्रथा नहीं पाई गई। अधिकारियों ने सभी बैरकों में जाकर बंदियों, कर्मचारियों और अधिकारियों से बातचीत की। भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली गई, जो जेल नियमावली के अनुसार उचित पाई गई। बंदियों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए जेल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लीगल एड क्लिनिक स्थापित किया गया है। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य, पैनल अधिवक्ता और पैरालीगल स्वयंसेवक नियमित रूप से जेल का दौरा कर बंदियों से मिलते हैं और उनके मामलों की जानकारी देते हैं। प्राधिकरण समय-समय पर विधिक सेवा साक्षरता शिविर भी आयोजित करता है। बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए जेल में “आर्ट ऑफ लिविंग” का कोर्स कराया जा रहा है, जिससे बंदियों में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बंदियों को साक्षर बनाने के लिए एक अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रत्येक बुधवार को जेल समीक्षा की जाती है ताकि बंदियों को विधिक सहायता मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अमिता जायसवाल, अपर कलेक्टर दीप्ति गौते, उप पुलिस अधीक्षक अपूर्वा सिंह, सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


