भास्कर न्यूज | गढ़वा जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। वहीं रविवार को हल्की बारिश की संभावना है। जबकि तापमान में कमी आने की संभावना है। वहीं हवा की गति सामान्य रहने की संभावना है इस संबंध में ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि गढ़वा जिला में रविवार को छह मिली मीटर बारिश होने की उम्मीद है। जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा हवा की गति चार किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। वहीं सोमवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस, हवा की गति 2 किलोमीटर प्रति घंटा, मंगलवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस, हवा की गति 4 किलोमीटर प्रति घंटा तथा बुधवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस व हवा की गति 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दिनों में हल्की वर्षा की संभावना को देखते हुए किसान भाई सिंचाई को रोक दें।वही किसी भी प्रकार का छिड़काव 29 दिसंबर के बाद ही करें। जल निकासी की भी सुविधा रखें। तैयार फसल की कटाई कर उनको सुरक्षित स्थानों में रखें। इस वर्षा का उपयोग सब्जियों की बुवाई या रोपाई के लिए करें। कम तापमान तथा वर्षा के कारण खराब अंकुरण से बचने के लिए सब्जियों की नर्सरी के ऊपर कम लागत वाले पॉलीथिन कवर का उपयोग करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि मटर की फसलों में दो प्रतिशत यूरिया के घोल का छिड़काव करें। जिससे मटर की फलियों की संख्या में बढ़ोतरी हो। शनिवार को हल्का बादल छाया रहा: जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में आज शनिवार को दिन भर हल्की बादल छाया रहा। ऐसे में कभी धूप कभी बादल देखा गया। पौधे एक ही जगह ज्यादा हो तो विरलीकरण करें: रिपोर्ट में कहा गया है कि समय से बोए गए सरसों की फसल अपने शाकीय अवस्था में है। अगर पौधे एक ही जगह पर ज्यादा हो तो विरलीकरण की क्रिया सुनिश्चित करें।जिससे पौधों को सही ढंग से नमी, हवा तथा तापमान प्राप्त होती रहेगी। इस अवस्था के सरसों में लाही किट की संभावना रहती है। इसके बचाव हेतु किसान भाई इमिडक्लोप्रिड दवा का छिड़काव एक मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के दर से करें। देर से बोई गई सरसों की फसल में विरलीकरण तथा खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। जरूरत अनुसार पहली सिंचाई करें देर से बोई गई गेहूं की फसल यदि 21 से 25 दिन की हो जाए तो आवश्यकता अनुसार पहली सिंचाई करें। सिंचाई के तीन से चार दिन बाद नाइट्रोजन की शेष आधी मात्रा का छिड़काव करें। गेहूं की फसल में खरपतवार प्रबंधन के लिए मेटासलफ्यूरोन 8 ग्राम प्रति 150 लीटर पानी प्रति एकड़ का उपयोग करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि गेहूं की फसल में यदि दीमक के प्रकोप दिखाई दे रहे हो तो क्लोरपायरीफॉस 20 इसी 2 लीटर के साथ 20 किलोग्राम रेत का मिश्रण शाम के समय उपयोग में लाएं तथा इसके पश्चात सिंचाई करें।


