कोटपूतली-बहरोड़ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से भैंसलाना और सुजातनगर गांव के स्कूल में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर नशीली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध तस्करी और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों, ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देना था। नशा पूरे समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है कार्यक्रम में पीएलवी संजय जोशी और बबीता जांगिड़ ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक बनने और दूसरों को भी इन गंभीर मुद्दों के प्रति सचेत करने का आह्वान किया। साइबर अपराधों पर चर्चा करते हुए, वक्ताओं ने सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत संबंधित विभाग में शिकायत करने के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, नशे की लत के दुष्परिणामों, अवैध तस्करी से जुड़े कानूनी प्रावधानों और साइबर ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपायों को विस्तार से समझाया गया। स्टूडेंट्स ने पूछे प्रश्न शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी जिज्ञासाएं प्रस्तुत कीं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने युवा पीढ़ी को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, ग्रामीण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम नशा मुक्त और सुरक्षित डिजिटल समाज की दिशा में एक सकारात्मक संदेश लेकर आया।


