भास्कर न्यूज | बालोतरा शहर के कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को कलेक्टर सुशील कुमार यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तृतीय चरण की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता घनश्यामसिंह राठौड़ ने बताया कि एमजेएसए 2.0 के तृतीय चरण के अंतर्गत प्रदेश के करीब पांच हजार गांवों में 2 हजार 500 करोड़ रुपए की लागत से लगभग एक लाख दस हजार जल संरक्षण एवं संरचना विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों के माध्यम से जल संसाधनों का संरक्षण, भू-जल स्तर में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसी क्रम में कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने जिले की चयनित 27 ग्राम पंचायतों के 85 गांवों में कुल 59 हजार 75 हेक्टेयर क्षेत्र की कार्ययोजना का विस्तृत परीक्षण कर अनुमोदन प्रदान किया गया। जिसमें 5732 कार्यों को शामिल किया गया है, जिस पर 161.66 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। कलेक्टर यादव ने संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया कि एमजेएसए 2.0 के तृतीय चरण के अंतर्गत बालोतरा जिले में जलग्रहण (कैचमेंट) क्षेत्र उपचार के अंतर्गत डीप सीसीटी, सीसीटी, फार्म पॉण्ड, खडीन, टांका निर्माण, पक्का चेकडेम, फील्ड बण्ड तथा अन्य वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। कलेक्टर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के कार्यों को जनभागीदारी के साथ अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अभिसरण के माध्यम से अधिकाधिक परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। जल संरक्षण के इन प्रयासों से जिले में भू-जल स्तर में सुधार होगा, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट में कमी आएगी। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर किए जाने वाले कार्य धरातल पर उतरे, ताकि आमजन को इसका लाभ मिले। साथ ही कार्ययोजना में जल संरक्षण के लिए अधिकतम पक्के निर्माण को प्राथमिकता दे। इस दौरान बैठक में जिला स्तरीय मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।


