भास्कर न्यूज | जांजगीर छत्तीसगढ़ सरकार का आगामी बजट 24 फरवरी को पेश होना है और जिले के नागरिक इसमें अपने क्षेत्र के लिए ठोस प्रावधानों की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले वर्षों में कई योजनाएं घोषित हुईं, पर जरूरतों के अनुरूप कार्य नहीं हो सके। इस बार उम्मीद है कि शहर की मुख्य परेशानियों जैसे नियमित सिटी बस सेवा, संकरी सड़कों, जर्जर पुलों और पेयजल सुविधाओं का समाधान बजट में शामिल होगा। कई वर्षों से शहर और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली बस सेवा बंद है। छात्र, नौकरीपेशा लोग और वृद्ध नागरिक निजी वाहनों व ऑटो पर निर्भर होने को मजबूर हैं। शिवरीनारायण, पामगढ़ और मुलमुला को बिलासपुर जिले से जोड़ने वाला लीलागर नदी का कुटीघाट पुल बारिश के बाद से जर्जर है। कई जगह गड्ढे बनने से हादसे बढ़ गए हैं। पुल की चौड़ाई भी वर्तमान यातायात के दबाव के अनुरूप नहीं है। नए पुल का प्लान तैयार है, पर मंजूरी नहीं मिल पाई। 17 जनवरी को इसी पुल के पास हुए हादसे में एक छात्र की मौत हो गई थी। मई 2015 में शुरू की गई सिटी बस सेवा कभी सुचारू रूप से नहीं चल सकी। कोरोना काल के बाद बसें बंद कर दी गईं, और मरम्मत–रखरखाव न होने से कबाड़ हो गईं। शहर में आज भी सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। ओवरब्रिज की मरम्मत के लिए 50 लाख का प्रस्ताव चांपा-जांजगीर के बीच खोखसा रेलवे फाटक के पास बना ओवरब्रिज इन दिनों अत्यधिक जर्जर है। पुल की ऊपरी सतह उखड़ चुकी है और एक्सपेंशन ज्वाइंट टूटे हुए हैं। दुपहिया चालकों के फिसलने का खतरा हर समय बना रहता है। मरम्मत के लिए करीब 50 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार है, पर मंजूरी न मिलने से काम अटका हुआ है। चांपा और कोरबा से जिला मुख्यालय आने वाले अधिकांश लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, जिसके चलते रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे खस्ताहाल, चौड़ाई भी कम, इसीलिए हो रहे हादसे अकलतरा व पामगढ़ के बीच पुराना एनएच लंबे समय से जर्जर है। सड़क की कम चौड़ाई और खराब स्थिति के कारण हुए भीषण हादसे हो रहे हैं। उसके बाद भी मरम्मत नहीं हो रही।


