जिले में अवैध बालू के धंधे पर केंद्र नाराज, खनन सचिव को कार्रवाई के निर्देश

प सिंहभूम में बिना टेंडर के बालू घाटों से माफियाओं के द्वारा हो रही अवैध बालू उठाव की शिकायत अब केंद्र सरकार के खान मंत्रालय को पास पहुंची है। इस शिकायत पर त्चरित कार्रवाई करते हुये भारत सरकार के खान मंत्रालय ने 29 जनवरी 2026 को झारखंड के खान व भूतत्व सचिव को पत्र जारी कर जांच करने व विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दियाा है। बता दें कि जिले में बालू माफियाओं के अवैध कारोबार पर प्रशासनिक लगाम नहीं लग पा रही है। खुलेआम बालू तस्करी जारी है। इस पर जगन्नाथपुर के पूर्व विधायक एवं झारखंड बचाओ अभियान के सह-संयोजक मंगल सिंह बोबोंगा ने 8 दिसंबर को केंद्र सरकार खान मंत्रालय को एक शिकायत पत्र भेजी थी। जिसमें बताया था कि प सिंहभूम जिले में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन, ढुलाई और व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। खान मंत्रालय भारत सरकार ने पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित मामले में कार्रवाई का दायित्व राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। धारा 3(ई) के तहत बालू को गौण खनिज की श्रेणी में अधिसूचित किया गया है। वहीं, धारा 15(1) के अनुसार गौण खनिजों के खनन पट्टा, खदान पट्टा या अन्य रियायतें देने तथा संबंधित नियम बनाने का अधिकार राज्य सरकारों को है।इसके अतिरिक्त धारा 23सी के तहत राज्य सरकारों को अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने तथा इसके लिए नियम बनाने की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसी आधार पर स्पष्ट किया है कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में नियंत्रण, निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार की प्रशासनिक सीमा में आती है। खान मंत्रालय के अवर सचिव अनिल कुमार के जारी इस पत्र में झारखंड सरकार के खान सचिव को लिखा है कि शिकायत का विधिवत निरीक्षण कर याचिकाकर्ता को सूचित करते हुए अधिनियम एवं अधिसूचित नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए। प. सिंहभूम में ए बी व सी केटेगरी के 11 बालू घाट हैं। सभी 11 बालू घाटों का टेंडर 3 बार निकला। अभी भी प्रोसेस में है। अभी तक फाइनल नहीं हुआ है। टेंडर नहीं होने के कारण बालू का अवैध उठाव कई सालों से जारी है। बालू का दाम एक हाइवा में 24 हजार से 30 हजार तक है। पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा बताते हैं कि प सिंहभूम जिले में बालू का अवैध खनन चरम पर है। कई बालू घाटों पर विधिवत टेंडर नहीं होने के कारण कृत्रिम संकट उत्पन्न है। मकान निर्माण के लिए ऊंची कीमत पर बालू खरीदना पड़ रहा है। कहा कि कुजू नदी, तांतनगर, गोइलकेरा, जगन्नाथपुर के मुंडुई में दिनदहाड़े अवैध बालू खनन और व्यापार हो रहा है। कहा कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के बिना अवैध गतिविधियां संभव नहीं हैं।

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