प्रदेश में 10,463 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण होगा। जिलों से इसके प्रस्ताव मिले थे। शिक्षा संचालनालय ने इन प्रस्तावों को मंजूर कर लिया है। इसमें ई-संवर्ग के 5849 और टी-संवर्ग के 4614 स्कूल हैं। युक्तियुक्तकरण का आदेश तत्काल लागू माना जाएगा। इस आदेश से प्रदेश के करीब 25 हजार शिक्षकों पर सीधा असर पड़ेगा।
मंत्रालय से मंगलवार को शिक्षा विभाग के अवर सचिव आरपी वर्मा ने यह आदेश जारी कर दिया है। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो। कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे। विभाग के अनुसार स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। जहां शिक्षकों की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार का मानना है कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य स्कूल बंद करना नहीं है। इससे व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में है। युक्तियुक्तकरण के फायदे: जहां छात्र नहीं, वहां के स्कूलों से शिक्षकों को निकालकर वहां भेजेंगे जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। {स्कूल संचालन का खर्च घटेगा। संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। {एक ही स्कूल में ज्यादा कक्षाओं और सुविधाओं से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेना नहीं पड़ेगा। {एक परिसर में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी होंगे। {बच्चों के ड्रॉपआउट रेट घटेगी। लैब, लाइब्रेरी एक जगह देना आसान होगा। युक्तियुक्तकरण होने से शिक्षा होगी बेहतर: सीएम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि युक्तियुक्तकरण स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला है। यह आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोगी बनाना है। युक्तियुक्तकरण के निर्णय की सराहना करते हुए साय ने कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। यह पहल न केवल वर्तमान शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी, सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था का आधार तैयार करेगी। निर्णय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का अवसर देगा।
ग्रामीण क्षेत्र के 133 और शहरी इलाकों के 33 स्कूलों को युक्तियुक्त किया स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण में एक ही परिसर में संचालित 10,297 स्कूलों को युक्तियुक्त किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में 1 किमी के दायरे में 133 विद्यालयों और शहरों में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 स्कूलों को भी युक्तियुक्त किया गया है। इससे शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित क्लस्टर विद्यालय अवधारणा के अनुरूप है।


