“महेंद्र मेरी मौसी का बेटा था। जब 15 साल का था तो पिता मर गए। तब मैं उसे अहमदाबाद ले गया। वहां काम सिखाया। त्योहारों पर मैं नए कपड़े नहीं पहनता था, मगर उसे पहनाता था। जिसे भाई की तरह पाला, उसने मेरी घरवाली से इश्क लड़ाया। अब पत्नी ने दूरी बनाई तो चाकू मारकर हत्या कर दी और फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। अगर 5 साल की बेटी छत पर चढ़कर न भागती तो वो उसे भी मार सकता था। पत्नी के खून से महेंद्र के कपड़े सन गए। इसलिए वो कपड़े उतारकर घर से न्यूड भागा।” ये कहना है राकेश साहू का। जिसकी पत्नी माया (35) पर झांसी में 28 फरवरी को मौसरे देवर महेंद्र ने चाकू से हमला कर दिया था। फिर 300 मीटर दूर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इलाज के दौरान 2 मार्च को माया की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, माया पर चाकू से गले, पेट, सीने और हाथों पर हमला किया गया। चाकू के एक वार ने लीवर चीर दिया। इस वजह से उसकी मौत हो गई। घटना प्रेमनगर थाना क्षेत्र की है।
अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला लव मैरिज के बाद देवर से इश्क हुआ प्रेमनगर के नैनागढ़ निवासी राकेश साहू ने बताया- मैं अहमदाबाद की एक फैक्ट्री में काम करता था। एक दिन पता चला कि मोहल्ले में रहने वाले मेरे मौसा की मौत हो गई। कुछ समय बाद मौसा का बड़ा बेटा बोला- मेरा छोटा भाई महेंद्र बिगड़ रहा है। उसकी संगत ठीक नहीं है। तब उसकी उम्र 16 साल थी। मैं उसने अपने साथ अहमदाबाद ले गया। काम सिखाया और एक काबिल इंसान बना दिया। इस बीच एक महिला फैक्ट्री में काम करने आती। मेरी उसकी छोटी बहन माया से दोस्ती हो गई। ये दोस्ती प्यार में बदल गई। 6 साल पहले मैंने माया से शादी कर ली थी। हमारी 5 साल की एक बेटी है। इसके बाद मैंने दो कमरे ले लिए। एक में मैं अपनी बेटी और बेटी के साथ रहता था, जबकि बगल वाले कमरे में महेंद्र रहता था। डेढ़ साल पहले पत्नी को भगा ले गया राकेश ने आगे बताया- अहमदाबाद में मेरी पत्नी और महेंद्र के बीच प्रेम संबंध हो गए। लेकिन इसकी जानकारी मुझे नहीं थी। डेढ़ साल पहले पत्नी मेरी बहन के घर आई थी। तब महेंद्र बोला- मैं भाभी को ले आउंगा। छोटा भाई होने के नाते मैंने उसे माया को लेने भेज दिया। मगर वो पत्नी को लेकर दिल्ली भाग गया। तभी मुझे दोनों के अफेयर के बारे में पता चला। बाद में उनके रिश्तों में खटास आई तो पत्नी घर वापस आ गई। परिवार और रिश्तेदारों ने समझाया, तो पत्नी मेरे साथ रहने के लिए भी मान गई। हम लोग अहमदाबाद में रहने लगे और महेंद्र से नाता तोड़ दिया। हमारा एक-दूसरे के घर पर आना-जाना बंद हो गया। मगर महेंद्र पत्नी को अपने साथ रखने की जिद करने लगा। इसके लिए पत्नी तैयार नहीं थी। 3 महीने से झांसी में रह रहे थे राकेश ने आगे बताया- 3 महीने पहले मैं परिवार को लेकर झांसी आ गया और यहां लोडिंग गाड़ी चलाने लगा। 26 फरवरी को महेंद्र का मेरे पास फोन आया। उसने बोला कि वह मुझे और पत्नी माया को मार देगा। इसके बाद हमने महेंद्र के बारे में जानकारी जुटाई। तब पता चला कि वह अहमदाबाद में है। इस पर हमने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और बेफिक्र हो गए। मगर वो अचानक 27 फरवरी को झांसी आ गया। मुझे पता नहीं चला। 28 फरवरी को मैं गाड़ी लेकर निकल गया। सुबह 9 बजे आलू रखने घर आया तो सब ठीक था। इसके बाद मैं दोबारा गाड़ी लेकर चला गया। इसके बाद महेंद्र घर पर आया और पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया। पत्नी को अधमरा करके आरोपी ने 300 मीटर दूर जुगनू पैलेस के पास एक प्लाॅट के अंदर पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। मेरी बेटी न भागती तो उसे भी मार देता राकेश ने कहा- मुझे बेटी ने बताया कि मम्मी पापड़ तल रही थी और मैं साइकिल चला रही थी। घर के दरवाजे बंद थे, हालांकि कुंडी नहीं लगी थी। तभी महेंद्र अंकल आए और चाकू निकालकर मम्मी को मारने लगे। मैं घबरा गई। तभी मम्मी ने हाथ से इशारा करके भागने के लिए कहा। मैं छत पर चढ़कर और चिल्लाने लगी। तभी अंकल भाग गए। राकेश ने बताया- अगर बेटी भागती न तो आरोपी चाकू से उसे भी मार सकता था। उसने चाकू मारकर पत्नी का सीना चीर दिया। गले, पेट, हाथ समेत 7 जगह चाकू मारे। पेट की आतें तक बाहर आ गई थी। 2 मार्च को माया ने दम तोड़ दिया। खून से आरोपी के कपड़े सन चुके थे। इसलिए कपड़े उतारकर घर से न्यूड भागा था।
उसने मेरे साथ बहुत बुरा किया राकेश ने कहा- मैंने काम सिखाकर महेंद्र को काबिल इंसान बनाया। उसका मकान गिरवी रखा था तो वो भी पैसे चुकाकर उठाया। मगर जिस भाई को मैंने अपने छोटे भाई की तरह पाला। उसने मेरा घर उजाड़ दिया। त्योहारों पर मैंने नए कपड़े नहीं पहने, उसको पहनाए। मैंने अच्छा किया, लेकिन उसने मेरे साथ बहुत ही बुरा किया। आज मुझे अपने निर्णय पर पछतावा हो रहा है। अगर मैं उसे बचपन में अपने साथ न ले जाता तो मेरा घर न उजड़ता। आज मेरी मासूम बेटी के सिर से मां का साया छिन गया। माया के कमरे में खून और टूटी हुईं चूड़ियां मिलीं घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। माया के घर के ऊपर सीमेंट की शेड लगी है। अंदर दो कमरे बने हुए हैं। दोनों कमरे खून से सने थे। माया की टूटी चूड़ियां पड़ी हुई थीं। घटनास्थल पर मिले साक्ष्य बताते हैं कि घायल माया ने आरोपी का डटकर सामना किया, लेकिन आरोपी के हाथ में चाकू था। वह बचने के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे में भागती रही, लेकिन आरोपी उस पर एक के बाद एक प्रहार करता रहा। बचने के लिए हाथ भी लगाए तो चाकू से कट गए। माया के शरीर पर जख्म ही जख्म थे।
पेड़ से लटककर प्रेमी ने किया सुसाइड माया पर चाकू से हमला करने वाले आरोपी देवर महेंद्र की पुलिस तलाश कर रही थी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में वह न्यूड हालत में लंगड़ाते हुए भागता दिखाई दिया। एक जगह उसने ऑटो रुकवाकर बैठने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर ने उसे बैठाने से मना कर दिया। पुलिस कड़ियां जोड़ते हुए उसके पीछे लगी थी। इसी दौरान वह जुगनू पैलेस की ओर चला गया। जब तक पुलिस वहां पहुंचती, उससे पहले ही वह एक प्लांट के अंदर पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर लटक चुका था। मौके पर ही उसकी मौत हो चुकी थी। दो भाइयों में महेंद्र छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। यह खबर भी पढ़ें ‘अगर उनके बच्चे के साथ होता तो बुलडोजर चल जाता’: पिता बोले- माथे के बीच में गोली मारी गई; पूर्व MLC का भतीजा है आरोपी ‘जो मेरे बच्चे के साथ हुआ है, अगर वह उनके बच्चे के साथ होता तो पुलिस होती, झंडे होते, बुलडोजर होता और मेरा घर गिरता। लेकिन, यहां इतना समय बीत गया, कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम मान रहे हैं कि लोगों को लगता होगा कि दो दिन ही हुए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पुलिस एक कदम भी नहीं बढ़ पाई है।’ यहां पढ़ें पूरी खबर


