जिसे मिला था आग में नहीं जलने का वरदान, उसे क्रोध के अंधकार ने जला डाला

अमृतसर | मारवाड़ी समाज ने होली के उपलक्ष्य में सोमवार को होलिका दहन कर बुराई पर अच्छाई का संदेश दिया। यह आयोजन शिवाला बाग भाइयां के सामने​ स्थित ​भवंस एसएल स्कूल में करवाया गया। इसमें सिविल लाइन इलाके के मारवाड़ी समाज से जुड़े गणमान्यों ने शिरकत की। समाज के नेता अरुण सिंघानिया, वरुण नेवटिया, संजय गुप्ता, अनिल पौद्दार और अनिल सिंघल ने कहा कि होलिका दहन की घटना, अहंकार पर काबू पाने और भगवान पर विश्वास रखने का प्रमाण है। यह घटना बुराई पर अच्छाई की प्रतीक है। नई पीढ़ी को भी इससे सीख लेनी चाहिए। सिंघल ने बताया कि सुबह 3 बजे झंडारोहण किया गया था। फिर शाम को 8.30 बजे पूजा के बाद होलिका दहन किया। होलिका की कहानी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। असुर राजा हिरण्यकशिपु खुद को भगवान मानता था, लेकिन उसका बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था। क्रोधित होकर राजा ने बहन होलिका की मदद से प्रह्लाद को जलाने की योजना बनाई। होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं जलेगी। वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, पर भगवान की कृपा से प्रह्लाद बच गया और होलिका जलकर भस्म हो गई। बाद में विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकशिपु का अंत किया। इसी घटना की याद में हर साल होलिका दहन मनाया जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *