रानी कमलापति स्टेशन के समीप गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक 2734 मीटर लंबे जीजी फ्लाईओवर का लोकार्पण 26 दिसंबर को होगा। इसका निर्माण दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2022 तक पूरा होना था। लेकिन अलग-अलग कारणों से 8 बार डेडलाइन बदलीं। अब फ्लाईओवर का लोकार्पण हो रहा है, लेकिन पूरा ट्रैफिक प्लान अभी तैयार नहीं हुआ है।गायत्री मंदिर छोर पर आरई वॉल और एप्रोच रोड का काम अंतिम चरण में है। वल्लभ भवन रोटरी पर जहां यह फ्लाईओवर उतरेगा, वहां 12 अलग-अलग सड़कों से ट्रैफिक आएगा। इसे व्यवस्थित करने के लिए मैनिट के ट्रैफिक एक्सपर्ट डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े ने 45×35 मीटर की एक रोटरी बनाने का सुझाव दिया है। इतनी बड़ी रोटरी बनाने के लिए कई बिजली पोल के अलावा सड़क के नीचे दबी पाइप लाइन और इंटरनेट व टेलीफोन केबल शिफ्ट करनी होगी। पेड़ भी कटेंगे। सभी एजेंसियों में समन्वय के बाद भी इस काम में 4-6 महीने लग सकते हैं। जिस तरह फ्लाईओवर के निर्माण में समन्वय में कमी दिखाई दी है उस हिसाब से यह काम एक साल में भी पूरा होना मुश्किल है। व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए रोटरी का साइज 30×25 मीटर किया जा रहा है। इसे बनाने के लिए भी 3 महीने चाहिए। ऐसी स्थिति में वाटर बैरिकेड्स लगाकर रोटरी बनाई जाएगी। फिलहाल निकाला ये समाधान फ्लाईओवर के ऊपर स्पीड घटाने के उपाय जरूरी
फ्लाईओवर पर गुरुदेव गुप्त तिराहे के ऊपर अलग सड़कों से आने वाले ट्रैफिक को व्यवस्थित करने यहां एक रोटरी की जरूरत बताई जा रही है। लेकिन सामान्यत: फ्लाईओवर पर रोटरी नहीं बनाई जाती। फिलहाल यहां स्पीड कम करने के कुछ उपाय करने की बात की जा रही है। गुरुदेव गुप्त तिराहे पर बन रहे ब्लाइंड स्पॉट
फ्लाईओवर के नीचे गुरुदेव गुप्त तिराहे पर ट्रैफिक अव्यवस्थित हो गया है। फ्लाईओवर और मेट्रो के पिलर के कारण यहां ब्लाइंड स्पॉट बन रहे हैं, जो किसी भी दिन बड़े एक्सीडेंट की वजह बन सकते हैं। ट्रैफिक प्लान के लिए यहां कई प्रयोग किए गए, पर कोई सफल नहीं हुआ। आमने-सामने हो रहा ट्रैफिक गणेश मंदिर पर ट्रैफिक आइलैंड बनाए, लेकिन रोड साइनेज नहीं
गणेश मंदिर, जहां सावरकर सेतु के पास फ्लाईओवर उतर रहा है वहां होशंगाबाद रोड, आरकेएमपी और दस नंबर की तरफ से आने-जाने वाले ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए नए सिरे से ट्रैफिक आईलैंड बनाए गए हैं। लेकिन यहां रोड साइनेज नहीं लगने से अलग-अलग दिशाओं से आ रहा ट्रैफिक आमने-सामने हो रहा है, जिससे आरकेएमपी के सामने शाम के समय जाम के हालात बन रहे हैं। वॉटर बैरिकेड लगाएंगे
अभी हमारे पास एक पखवाड़े का समय है। इस दौरान ट्रायल आदि करके रोड साइनेज और ट्रैफिक आइलैंड, ट्रैफिक रिडक्शन आदि करके पूरा व्यवस्थित कर दिया जाएगा। वल्लभ भवन रोटरी पर वाटर बैरिकेड बिल्कुल स्थायी रोटरी की तरह काम करेंगे। -जावेद शकील, सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी


