बाड़मेर | कृषि विज्ञान केंद्र दांता के वैज्ञानिकों की टीम ने बालेरा, छीतर का पार चौहटन एवं शिव ब्लॉक में भ्रमण किया गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि इस वर्ष जीरे की फसल अच्छी है। कृषि विज्ञान केन्द्र दाता बाड़मेर की ओर से चलाई जा रही निकरा परियोजना अंतर्गत गांव जूनापतरासर में जीरे पर प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने परियोजना के उद्देश्यों जैसे-प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, पशुधन का खेती में उपयोग एवं फसल प्रबंधन की जानकारी दी। साथ ही कृषि में आज की आवश्यकता जैसे कृषि यंत्रों का समेकित कृषि प्रणाली-मॉडल, कस्टम हायरिंग केंद्र एवं बागवानी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. शंकरलाल कांटवा ने रबी मौसम की फसलों में होने वाले मुख्य कीट एवं बीमािरयों की पहचान बताई। बुद्धाराम मोरवाल ने सूक्ष्म बागवानी की बात कही। इस दौरान सी एल मीना, गिरधारीराम मेघवाल आदि मौजूद रहे।


