विधानसभा में शुक्रवार को एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- एपस्टिन फाइल को छोड़ दीजिए, उससे बड़ी फाइल है। मैं सदन की मर्यादा रख रहा हूं, वरना एक-एक की परत यहीं खुल जाएंगी। आप भले आदमी हैं, सच्चाई का साथ देना चाहते हैं तो इस पूरे प्रकरण की जांच करवाइए। जूली ने कहा- कौन-कौन ऐसे लोग हैं चाहे बीजेपी के ही क्यों न हो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। क्या बीजेपी के लोगों का यही कृत्य रह गया। मैं इसको बहुत गंभीर मानता हूं, ऐसे व्यक्तियों को सख्त सजा दिलानी चाहिए। उदयपुर मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। पीड़िता और आरोपी दोनों भाजपा के हैं। जूली ने कहा- मुख्यमंत्री ने 2 साल बनाम 5 साल की बहस का प्रस्ताव देकर हिम्मत का काम किया था। आपकी हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी। मुख्यमंत्रीजी आप तो पूरे राजस्थान के मुख्यमंत्री हो, आपको तैयारी करके आना पड़ेगा क्या? आपने 2 साल बनाम 5 साल बहस के लिए खुद प्रस्ताव दिया था, इसके बाद मुकर क्यों गए? जूली ने शायराना अंदाज में कहा- भाजपा की सरकार ने भट्ठा बैठा दिया, मिटानी थी गरीबी, गरीबों को मिटा दिया। जूली ने सीएम से कहा- मोदी की गारंटी का तो आपने कबाड़ा कर दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मोदी मतलब गारंटी है। मोदी ने ही कहा था कि किसी जनहित की कांग्रेस की स्कीम को बंद नहीं किया जाएगा। मोदी का गुब्बारा या तो ट्रंप ने फोड़ा या फिर आपने फोड़ा है। गिग वर्कर कानून, राजीव गांधी स्कॉलरशिप, स्मार्ट फोन योजना बंद कर दी। चिरंजीवी, आरजीएचएस का भुगतान नहीं कर रहे। फ्री बिजली में नए लोग नहीं जोड़ रहे। इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान रोडवेज बसों से जुड़े सवाल के जवाब पर कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष की डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा से बहस हो गई थी। रोडवेज की खराब हालत के लिए कांग्रेस-भाजपा ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। परवन सिंचाई परियोजना में देरी और घटिया पाइप लगाकर करोड़ों के घोटाले के मामले में कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने पूरक सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था- राजनीतिक कारणों से इस प्रोजेक्ट में देरी की गई। विधायक बोले- रोडवेज को बंद कर दीजिए कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर के सवाल के जवाब परिवहन मंत्री डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यात्रीभार कम होने की वजह से नादौती टोडाभीम क्षेत्र मं रोडवेज बस नहीं चलाई गई। इस पर मेहर ने कहा कि प्राइवेट बसों से रोडवेज कंडक्टरों की मिलीभगत है। एक तोकंडक्टर टिकट नहीं काटते, प्राइवेट बसों से मिले रहते हैं। रोडवेज का भट्ठा बैठा दिया, फिर तो बंद ही कर दीजिए। इसके जवाब में डिप्सी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने कहा- रोडवेज का भट्ठा तो इन्होंने बैठा दिया। अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वहीं, परवन सिंचाई योजना को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेसी विधायक भाया ने कहा कि- इस योजना में एचडीपीआई पाइप लगाए, जिनकी क्वालिटी कम कर दी। इससे ठेकेदार को करोड़ों का फायदा हुआ। इसका खामियाजा परवन सिंचाई से जुड़े किसान भुगतेंगे। ऐसे अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे? जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा- 2018 में तत्कालीन कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल की शिकायत पर जिम्मेदार इंजीनियरों को सस्पेंड किया गया था। उस समय तत्कालीन सीएम ही जल संसाधन मंत्री थे। आपकी ही पार्टी के विधायक ने आरोप लगाए थे। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…


