साहित्य का महाकुंभ कहे जाने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के 18वें संस्करण के लिए वक्ताओं की दूसरी सूची जारी कर दी गई है। यह आयोजन जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में 30 जनवरी से 3 फरवरी, 2025 तक किया जाएगा। इस आयोजन में विश्वभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, लेखक, विचारक और कलाकार एक मंच पर एकत्र होंगे। इस बार की सूची में कई मशहूर लेखक, विचारक और कलाकार शामिल हैं, जिनकी मौजूदगी से परिचर्चाओं में गहराई और विविधता का समावेश होगा। इस वर्ष की चर्चाओं में साहित्य, कला, पर्यावरण, सामाजिक न्याय, अर्थशास्त्र और राजनीति जैसे विविध विषयों को शामिल किया जाएगा। यह लेखक लेंगे हिस्सा एम. के. रंजीतसिंह – प्रसिद्ध संरक्षणवादी और ‘माउंटेन मम्मल्स ऑफ द वर्ल्ड’ के लेखक। ए. आर. वेंकटचेलापति – इतिहासकार और ‘स्वदेशी स्टीम’ के लेखक। अमोल पालेकर – भारतीय सिनेमा के दिग्गज और ‘व्यूफाइंडर’ के सह-लेखक। गीतांजलि श्री – बुकर पुरस्कार विजेता और ‘रेत समाधि’ की लेखिका। इजेओमा ओलुओ – नस्लीय समानता पर चर्चित लेखक। इम्तियाज अली – भारतीय फिल्म निर्देशक, प्रसिद्ध फिल्में ‘जब वी मेट’ और ‘तमाशा’ के निर्माता। जावेद अख्तर – प्रसिद्ध कवि और गीतकार। के. आर. मीरा – मलयालम की जानी-मानी लेखिका। मुजीबुर रहमान – लेखक और राजनीतिक टिप्पणीकार। मैट प्रेस्टन – प्रसिद्ध फूड राइटर और ‘बिग माउथ’ के लेखक। कैटी हेसेल – कला इतिहासविद और ‘द स्टोरी ऑफ आर्ट विदाउट मैन’ की लेखिका। डेविड हेअर – नाटककार और ‘वी ट्रैवल्ड: एस्सेज एंड पोयम्स’ के लेखक। अभिजीत बैनर्जी और एस्थर डुफ्लो – नोबेल पुरस्कार विजेता और वैश्विक आर्थिक विशेषज्ञ। गोपालकृष्ण गांधी – राजनयिक और महात्मा गांधी की विरासत पर लेखक। युवान एवेस – प्रकृतिवादी और जैव विविधता पर विशेषज्ञ। इन विषयों पर होगी बातचीत एम. के. रंजीतसिंह वन्यजीव संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। ए. आर. वेंकटचेलापति स्वतंत्रता संग्राम और दक्षिण भारत के इतिहास पर चर्चा करेंगे। अमोल पालेकर अपनी पत्नी संध्या गोखले के साथ सिनेमा में अपने अनुभव साझा करेंगे। इजेओमा ओलुओ नस्लीय समानता पर वैश्विक संवाद का हिस्सा बनेंगी। मैट प्रेस्टन भोजन और संस्कृति के संबंध पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा करेंगे। कैटी हेसेल कला के इतिहास में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डालेंगी। गोपालकृष्ण गांधी गांधीजी के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर चर्चा करेंगे। उत्सव के दौरान न केवल साहित्यिक परिचर्चाएं होंगी, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी इस आयोजन को यादगार बनाएंगी। देश-विदेश के कवि और कलाकार अपनी रचनाओं और प्रदर्शनों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। पारंपरिक और समकालीन कला का संगम देखने को मिलेगा।


