जेजेएम घोटाले में रिमांड के बाद कोर्ट में पेशी:सभी 9 आरोपी पहुंचे कोर्ट; रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित 3 पकड़ से बाहर

जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले से जुड़े मामले में एसआईटी ने रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सभी आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। इससे पहले शुक्रवार को एसीबी ने गिरफ्तार आरोपियों से करीब चार घंटे तक आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। इस दौरान कुछ आरोपियों से अलग-अलग भी पूछताछ की गई। रिमांड के बाद कोर्ट में पेशी एसीबी ने 17 फरवरी को गिरफ्तार किए गए जलदाय विभाग के 9 अफसरों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया था, जहां उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया था। शनिवार को रिमांड खत्म होने पर सभी आरोपियों को एक ही वाहन में कोर्ट लाया गया। एसीबी ने पहले पांच दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने तीन दिन का ही रिमांड मंजूर किया था। कोर्ट में पेश किए गए अधिकारी कोर्ट में पेश किए गए अधिकारियों में शामिल हैं— चीफ इंजीनियर जयपुर शहर केडी गुप्ता तत्कालीन मुख्य अभियंता पीएचईडी परियोजना जयपुर दिनेश गोयल रिटायर्ड तकनीकी चीफ इंजीनियर जयपुर डीके गौड तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, निरिल कुमार निरिल कुमार तत्कालीन वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा अतिरिक्त मुख्य अभियंता शुभांशु दीक्षित रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता महेन्द्र प्रकाश सोनी तत्कालीन अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी एसीबी की तीन टीमें जयपुर में और दो टीमें अन्य स्थानों पर फरार चल रहे चार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। इनमें रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता जितेन्द्र शर्मा और तत्कालीन एससी मुकेश गोयल शामिल हैं। एसीबी ने इनके विदेश भागने की आशंका को देखते हुए सभी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करवा दिया है। हालांकि, अब तक किसी भी फरार आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। फर्जी बिल और वित्तीय गड़बड़ियों का मामला एसीबी ने जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर छापेमारी की गई थी। जांच में फर्जी बिल, वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *