पंजाब सरकार द्वारा सख्ती दिखाए जाने के बाद पंजाब डायर एसोसिएशन (पीडीए) ने केंद्रीय जेल लुधियाना की 18 एकड़ जमीन का लंबित किराया जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसोसिएशन के डायरेक्टर बॉबी जिंदल ने बताया कि बकाया राशि की पहली किश्त एक सप्ताह के भीतर जमा करवा दी जाएगी, जबकि पूरी रकम तीन किश्तों में सरकार को अदा की जाएगी। दरअसल, जेल विभाग की जमीन पर चल रहे प्रोजेक्ट का कार्य वर्ष 2020 में शुरू हुआ था और उसी समय से किराया लागू हो गया था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से किराया नियमित रूप से जमा नहीं होने के कारण सरकार का बड़ा राजस्व बकाया हो गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 25 फरवरी 2026 को पंजाब के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) पंजाब की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया कि पंजाब डायर एसोसिएशन पर 10 जनवरी 2020 से 28 फरवरी 2026 तक का किराया और पेनल ब्याज मिलाकर कुल 76,97,52,808 बकाया बनता है। विभाग ने एसोसिएशन को यह पूरी राशि चार माह के भीतर, यानी 30 जून 2026 तक तीन किश्तों में जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। सरकारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि किश्त जमा करने की वास्तविक तारीख के अनुसार ब्याज राशि में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। साथ ही भविष्य में लीज एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार नियमित रूप से किराया जमा करना अनिवार्य होगा। डायरेक्टर बॉबी जिंदल ने बताया कि एसोसिएशन सरकार के निर्देशों का पालन करेगी। जेल विभाग ने सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेशों की जानकारी एसोसिएशन तक पहुंचाकर अनुपालन रिपोर्ट भेजी जाए।


