राजगढ़, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिला जेल सुधार गृह में वन स्टॉप सेंटर और बाल सगाई-विवाह के रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जेल कैदियों को बाल विवाह, बाल-सगाई, और नातरा झगड़ा जैसे सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर निधि भारद्वाज ने कहा कि प्रत्येक कैदी को मनोवैज्ञानिक, व्यवसाय-आधारित और शिक्षा-केंद्रित कार्यों में व्यस्त रखना चाहिए। उन्होंने महिला कैदियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और समाज में पुनः प्रवेश के लिए हुनर सीखने का महत्व बताया। वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रश्मि चौहान ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए समस्त प्रकार की सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्रदान की जाती हैं। यह सेंटर 24×7 सक्रिय रहता है, और महिलाएं स्वयं, पुलिस या सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकती हैं। जिला जेल अधिकारी राकेश मोहन उपाध्याय ने कैदियों के अधिकार और कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी, साथ ही चिकित्सा सुविधा, कानूनी सलाह और सिलाई बढ़ाई के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं के बारे में बताया। उन्होंने 1 जनवरी 2025 से लागू होने वाले नए जेल मैनुअल के बारे में भी जानकारी दी, जिसका मुख्य उद्देश्य कैदियों के कल्याण और पुनर्वास है। कार्यक्रम में पेरा लीगल वॉलंटियर निशा कार्पे, जेल शिक्षक लखन और समस्त जेल स्टाफ भी उपस्थित रहे।


