गोली चलाने के बाद भागा था जोन्हा बाजार के पास मुसगु गांव
अनगड़ा थाना क्षेत्र के गेतलसूद स्थित कंपोजिट शराब दुकान में फायरिंग करने वाले तीन अपराधियों को पुलिस ने गुरुवार को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। इनके नाम देव सिंह मुंडा उर्फ देवा, गोल्डेन यादव और भोलू हैं। देवा अनगड़ा के मुसगु गांव का रहने वाला है और वह पूर्व में पीएलएफआई उग्रवादी रहा है। सात महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था, जिसके बाद उसने अपना गिरोह खड़ा कर लिया। वह अपने गुर्गों के साथ मिल कर लगातार रंगदारी वसूलने का प्रयास कर रहा था। इलाके में दहशत फैलाने के लिए 3 मार्च की रात लगभग नौ बजे उसने लातेहार निवासी गोल्डेन और सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के मधुकम निवासी भोलू के साथ मिलकर शराब दुकान के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद तीनों एक ही बाइक से मुसगु गांव पहुंचे और एक परिचित के घर में बैठकर शराब पी रहे थे। टेक्निकल सेल की मदद से पुलिस को जानकारी मिली, जिसके बाद छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से दो कट्टा, एक सिक्स राउंड पिस्टल, गोलियां और मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस ने एक आरोपी के पिता को भी लिया हिरासत में गिरफ्तार सरगना देव सिंह मुंडा के पास से दो लोडेड पिस्टल बरामद किए गए। गोल्डेन के पास से एक सिक्सर मिला, जबकि भोलू ने भागने के दौरान हथियार गिर जाने की बात स्वीकार की है। देवा ने पुलिस को बताया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा दो लोडेड हथियार रखता था। पुलिस ने उसके पिता को भी हिरासत में लिया है, जो उसके साथ बैठा था। देवा ने अनगड़ा, सिकिदरी और मैक्लुस्कीगंज में भी फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दिया था। उसके और गोल्डेन के खिलाफ 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। भोलू के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पहले भी मांगी थी रंगदारी, इनकार करने पर चलाई गोली पुलिस जांच में पता चला है कि देवा ने पहले भी दुकान को निशाना बनाकर रंगदारी मांगी थी। दुकानकर्मियों ने उसे भगा दिया था। इसके बाद 3 मार्च की रात वह दो सहयोगियों के साथ दुकान पहुंचा और शराब मांगी। पैसा मांगने पर उसने पिस्टल तान दी और गोली मारने की धमकी देने लगा। मौका देखकर दुकानकर्मी राजू साहू और भोला राम चंद्रवंशी अंदर चले गए, जबकि विनोद चौधरी उसे समझाने का प्रयास करते रहे। जाते समय अपराधियों ने पांच राउंड फायरिंग की, जिससे कई शराब की बोतलें क्षतिग्रस्त हो गईं।


