उदयपुर जिले के सायरा क्षेत्र में एक जैन मंदिर में लेपर्ड आया। यहां वन विभाग ने पिंजरा भी लगाया हुआ है लेकिन लेपर्ड उसके पास से मंदिर के चक्कर लगाकर चला गया। करीब 1300 की आबादी वाले गांव में लेपर्ड के मूवमेंट से डरे हुए है। गोगुंदा से करीब 45 और सायरा से करीब 11 किलोमीटर दूर भानपुरा गांव है। गांव के बीच में स्थित जैन मंदिर में सोमवार रात करीब 1:20 बजे एक लेपर्ड मंदिर के अंदर टहलता देखा गया। मंदिर के अंदर ही इधर-उधर गया घूमा और वापस वहां से निकल गया। मंदिर में लगे सीसीटीवी में भी लेपर्ड नजर आया है। पिंजरे में नहीं रखा शिकार पंचायत समिति सदस्य रविंद्र सिंह राणावत ने बताया- यहां लेपर्ड लगातार देखा जा रहा है। करीब 11 दिन पहले भी लेपर्ड का मूवमेंट रहा था। उसके बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। लेपर्ड को पकड़ने के लिए लगाए पिंजरा मंदिर के अंदर रखा गया है। उसमें कोई शिकार नहीं रखा गया है। इस कारण लेपर्ड पिंजरे में कैद नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पहले भी लेपर्ड ने पशुओं का शिकार किया लेकिन ग्रामीणों ने मौका पर्चा नहीं कराया इसलिए रिकॉर्ड पर नहीं है। बाइक सवार दूध वाले से टकराकर जंगल भागा लेपर्ड इससे पहले उदयपुर शहर में शिल्पग्राम के पास रविवार को एक लेपर्ड सड़क क्रॉस करते नजर आया। इस दौरान अचानक एक दूध वाला उससे टकरा गया। इस बीच लेपर्ड जंगल की तरफ भाग गया। रविवार रात करीब 7.50 से 7.55 के बीच का लेपर्ड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। दूधवाला शिल्पग्राम के मुख्य गेट से टाइगर हिल वाली रोड की तरफ जा रहा था। एकाएक शिल्पग्राम के अंदर वाले इलाके से लेपर्ड सड़क पर आया और दौड़ते हुए रोड क्रॉस कर वन विभाग के थूर मगरा की तरफ जा रहा था। इस बीच वहां से गुजर रहा दूधवाला एकाएक लेपर्ड से टकरा गया और सड़क पर गिर गया।


