जैसलमेर जिले में बिजली उपभोक्ताओं की लापरवाही अब डिस्कॉम के लिए गले की फांस बन गई है। जनवरी 2026 तक के आंकड़ों ने विभाग की नींद उड़ा दी है। अकेले जैसलमेर शहर और आसपास के क्षेत्रों में 11 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का बकाया खड़ा हो गया है। इसे लेकर डिस्कॉम प्रबंधन ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जैसलमेर डिस्कॉम के सहायक अभियंता (AEN) प्रदीप बारूपाल ने स्पष्ट किया है कि अब कागजी नोटिस के बजाय धरातल पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि निगम प्रबंधन ने लाइन लॉस कम करने और शत-प्रतिशत वसूली के कड़े निर्देश दिए हैं। कृषि और घरेलू उपभोक्ता सबसे आगे डिस्कॉम द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, बकाया की यह राशि किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती घरेलू और कृषि क्षेत्र से मिल रही है। इसमें घरेलू उपभोक्ताओं से लगभग 5 करोड़ 26 लाख रुपये का बिल बकाया है। वहीं व्यावसायिक (नॉन-डोमेस्टिक) यानि दुकानों और शोरूम पर 3 करोड़ 50 लाख रुपये लंबित हैं। उसके साथ ही कृषि कनेक्शन की बात करें तो यहाँ आंकड़ा सबसे चौंकाने वाला है, जहाँ 7 करोड़ 81 लाख रुपये की वसूली अटकी हुई है। वहीं स्ट्रीट लाइट और मिक्स लोड में भी लाखों का भुगतान शेष है। एक्शन मोड में डिस्कॉम: एईएन ने दिए सख्त निर्देश जैसलमेर डिस्कॉम के सहायक अभियंता (AEN) प्रदीप बारूपाल ने स्पष्ट किया है कि अब कागजी नोटिस के बजाय धरातल पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि निगम प्रबंधन ने लाइन लॉस कम करने और शत-प्रतिशत वसूली के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रदीप बारूपाल, AEN, डिस्कॉम बोले- “मैनेजमेंट की ओर से स्पष्ट आदेश हैं कि वसूली अभियान में कोई ढील नहीं दी जाएगी। हम बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर चुके हैं। यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ, तो बिना किसी दबाव के सीधे कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।” नहीं चलेगी सिफारिश डिस्कॉम ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक सिफारिश को तवज्जो नहीं दी जाएगी। विभाग का मानना है कि इस भारी घाटे के कारण जिले के विकास कार्य, ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस और नई बिजली लाइनों का काम प्रभावित हो रहा है। वसूली की रणनीति बड़े डिफॉल्टर्स पर फोकस: सबसे पहले उन व्यावसायिक और बड़े उपभोक्ताओं पर प्रहार होगा जिनका बकाया लाखों में है। विशेष अभियान: फील्ड स्टाफ को वार्ड और गांव वार टारगेट दिए गए हैं। कानूनी कार्रवाई: भुगतान न करने की स्थिति में पेनल्टी के साथ-साथ कानूनी नोटिस भी जारी किए जाएंगे। डिस्कॉम ने आमजन से अपील की है कि वे बिजली कटौती और पेनल्टी जैसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए तुरंत अपने बिलों का भुगतान करें। अब देखना यह है कि विभाग का यह ‘करंट’ उपभोक्ताओं की जेबें ढीली करवा पाता है या नहीं।


