उत्तरी भारत में बर्फबारी होने से जैसलमेर में कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई। इस सीजन में पहली बार रात का पारा 5 डिग्री पर पहुंचा है। वहीं चांधन क्षेत्र में सोमवार सुबह गाड़ियों पर बर्फ जम गई।
इस सीजन में पहली बार गाड़ियों पर बर्फ जमी है। जिले के तापमान में लगातार कमी हो रही है। तापमान में गिरावट से हाड़ कंपकंपाने वाली सर्दी का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 4 दिन तक शीतलहर व कोहरा नहीं छाएगा। हालांकि उत्तर भारत से आने वाले सर्द हवाओं का असर तेज होगा। जिससे तापमान में ओर गिरावट होने की संभावना है। जिले में रविवार को दिन के पारे में अचानक 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो गई। तापमान 26 डिग्री पर पहुंच गया। जिससे दिन में लोगों को सर्दी से राहत मिली। लेकिन रात में सर्दी से धूजणी छुड़ा दी। शहर सहित नलकूप व नहरी क्षेत्रों में सर्दी का असर तेज रहा। अधिकांश लोग सर्दी से बचने के लिए घरों में ही दुबके रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री दर्ज हुआ। गाड़ियों पर जमी बर्फ
जैसलमेर में जिले के चांधन इलाके में इन दिनों कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है। इस सीजन में पहली बार नलकूप क्षेत्रों में बर्फ जमी है। चांधन क्षेत्र में सोमवार सुबह गाड़ियों पर बर्फ जमी नजर आई। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर से सर्दी का असर बढ़ गया है। लाठी क्षेत्र का चांधन इलाका घने पेड़ों और खेती के लिए उपयुक्त इलाका है। यहां सर्दियों के दिनों में तापमान काफी नीचे गिर जाता है। कभी कभी तो तापमान शून्य पर भी पहुंच जाता है। चांधन कस्बे के किसान जेतमाल सिंह के ट्यूबवेल पर खड़ी गाड़ी पर बर्फ जम गई। दरअसल रात में पड़ी ओस की बूंदें तेज सर्दी के कारण जम कर बर्फ की परत में तब्दील हो गई। सर्दी का असर बढ़ने के साथ लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अल सवेरे लोगों ने सर्दी से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लिया। वहीं लोग ऊनी कपड़ों में भी लिपटे रहे। लेकिन सर्दी से राहत नहीं मिली। सर्दी का असर बढ़ने से किसानों के चेहरों पर चमक देखी जा सकती है। सर्दी का असर बढ़ने की संभावना
मौसम विभाग ने आगामी 4 दिनों तक जिले में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 4 दिन तक शीतलहर व कोहरा नहीं छाएगा। हालांकि उत्तर भारत से आने वाले सर्द हवाओं का असर तेज होगा। जिससे तापमान में ओर गिरावट होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर से उत्तर भारत से आने वाले हवाएं तेज हो जाएगी। जिससे दिन के पारे में भी तापमान में गिरावट होगी। रबी फसलों के लिए फायदेमंद सर्दी सर्दी का असर बढ़ने से रबी फसलों को फायदा होगा। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव के अनुसार इस मौसम से फसल में ग्रोथ अच्छी होगी। मौसम वैज्ञानिकों ने बारिश की संभावना से इनकार किया है। कृषि मौसम वैज्ञानिक गालव का कहना है कि ये मौसम भी रबी की फसलों के लिए फायदेमंद है। अगर आगे मौसम फसलों के लिए अनुकूल रहता है तो इस बार बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। सर्दी बढ़ने से खेतों में पर्याप्त नमी हुई है। जिससे पानी की समस्या का सामना कर रहे किसानों की चिंता दूर होगी।


