जैसलमेर में सर्दी जाते ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। फरवरी में ही जून जैसी तपिश महसूस होने लगी है। सोमवार को अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 16.8 डिग्री रहा, जिससे अब गुलाबी ठंड भी गायब हो चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में शुष्क पश्चिमी हवाएं गर्मी के प्रकोप को और बढ़ाएंगी, जिससे जैसलमेर में मार्च से पहले ही भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। बाजारों में बदला मिजाज तापमान में अचानक आए इस उछाल का सीधा असर जनजीवन और बाजार पर दिख रहा है। लोगों ने भारी ऊनी कपड़े पैक कर अलमारियों में रख दिए हैं और कॉटन के कपडे बाहर निकल आए हैं। दोपहर के समय सूरज की सीधी किरणों के कारण बाजारों में अब गन्ने के रस, नींबू पानी और आइसक्रीम की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। सैलानी भी अब दोपहर की धूप से बचने के लिए किलों के बजाय होटलों के वातानुकूलित कमरों में समय बिताना पसंद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बढ़ेगा तापमान मंगलवार को भी सुबह से ही आसमान साफ है और धूप की तीव्रता बनी हुई है। शुष्क हवाओं के चलने से नमी में कमी आई है, जिससे दोपहर के समय उमस और तपन अधिक महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी पारा 33 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। शुष्क हवाओं के कारण आगामी सप्ताह में पारा 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दिन-रात में 17 डिग्री का अंतर वर्तमान में दिन और रात के पारे में करीब 17 डिग्री का अंतर बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में शुष्क पश्चिमी हवाएं गर्मी के प्रकोप को और बढ़ाएंगी, जिससे जैसलमेर में मार्च से पहले ही भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है।


