जैसलमेर में मौसम ने करवट बदलते ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रेगिस्तान में इस बार फरवरी के विदाई वेला में ही ‘नौतपा’ जैसी स्थिति का अहसास होने लगा है। कड़ाके की ठंड, जिसने कुछ दिन पहले तक जनजीवन को ठिठुरा रखा था, अब पूरी तरह से रुखसत हो चुकी है। बुधवार को जैसलमेर के तापमान में आई भारी उछाल ने सर्दी की विदाई पर पक्की मुहर लगा दी है। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य औसत से 4.6 डिग्री अधिक है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। आसमान साफ रहने और शुष्क हवाओं के चलने से दोपहर की तपिश और बढ़ेगी। तापमान सामान्य से बहुत आगे बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य औसत से 4.6 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पारा अब 35 डिग्री की दहलीज पर खड़ा है। हालांकि, दिन और रात के तापमान में अभी भी भारी अंतर (करीब 18 डिग्री) बना हुआ है। जहां दिन में धूप झुलसा रही है, वहीं रात का पारा 16.3 डिग्री रहने से हल्की गुलाबी ठंड का अहसास बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण है। बदल गई शहर की आबो-हवा गर्मी की इस समय पूर्व दस्तक ने शहर की जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया है। दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लोग अब गर्म कपड़ों की जगह सूती और हल्के वस्त्रों में नजर आ रहे हैं। शहर के हनुमान चौराहे और गड़ीसर रोड पर गन्ने के रस, छाछ और लस्सी की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगी है। घरों और सरकारी कार्यालयों में बंद पड़े पंखे अब पूरी रफ्तार से चलने लगे हैं। गर्मी के एडवांस अलर्ट को देखते हुए शहर के इलेक्ट्रिशियन और मैकेनिक एसी-कूलर की सर्विसिंग में व्यस्त हो गए हैं। आगे और चढ़ेगा पारा मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। आसमान साफ रहने और शुष्क हवाओं के चलने से दोपहर की तपिश और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने के कारण फिलहाल बारिश या राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मार्च का महीना शुरू होने से पहले ही जैसलमेर वासियों को भीषण गर्मी के लिए मानसिक रूप से तैयार होना होगा।


