राजस्थान के जैसलमेर में 6 से 8 मार्च को तीन दिवसीय चादर महोत्सव और दादागुरु इकतीसा पाठ का आयोजन होगा। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत करेंगे। कार्यकम के दौरान 7 मार्च को विश्वभर में एक साथ 1 करोड़ 8 लाख श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक दादागुरु इकतीसा पाठ का ऐतिहासिक महासंकल्प है। आयोजन में विभिन्न भारतीय परंपराओं के करीब 400 संत शामिल होंगे। तीन दिवसीय कार्यक्रम में लगभग 20 हजार श्रद्धालु मौजूद रहेंगे। 871 साल बाद होगा चादर का अभिषेक चादर महोत्सव समिति के चेयरमैन मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया- यह अभियान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आस्था, एकता और आध्यात्मिक जागरण का महाअभियान है। निर्धारित समय पर देश–विदेश के विभिन्न नगरों में श्रद्धालु अपने-अपने स्थानों से एक साथ दादागुरु इकतीसा पाठ करेंगे। इस विराट संकल्प के प्रेरणास्रोत पूज्य आचार्य श्री जिन मनोज्ञ सागर जी हैं, जिनकी प्रेरणा से यह आयोजन वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन का रूप ले रहा है। दादा गुरूदेव श्री जिनदत्तसुरि चादर महोत्सव में 871 साल बाद पहली बार चादर का विधिवत अभिषेक होगा, इससे पहले जैसलमेर किले से भव्य वरघोड़े के साथ चादर को महोत्सव स्थल पर लाया जाएगा। 8 मार्च को उपाध्याय महेन्द्रसागर महाराज को आचार्य पद प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन दादा गुरूदेव श्री जिनदत्तसुरि चादर महोत्सव समिति के अंतर्गत हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, विद्या भारती तथा अनेक सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में सहभागी हैं। एक महीने से बन रहे है विशाल डोम टेंट्स जैसलमेर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र सिंह भंसाली ने बताया कि जैन समाज के जैसलमेर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर डेडानसर मैदान में विशाल डोम टेंट्स लगाने का काम एक महिने से शुरू है। इसके अलावा मैदान में एक संग्रहालय भी तैयार किया जा रहा है। देश-दुनिया से दादागुरु जिनदत्त सूरि के करीब 20 हजार भक्तजन इस मौके पर जैसलमेर आएंगे।


