भास्कर न्यूज|ब्यावर जिस तरह खर्ची लुटाते-लुटाते बादशाह चंद्रशेखर अग्रवाल ने अंतिम विदाई ली। उसी तरह गुरुवार को उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। रास्ते भर “चंदू बादशाह अमर रहें’ के जयकारे गूंजते रहे और लोगों ने गुलाल उड़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सवारी में वर्षों से बीरबल की भूमिका निभाने वाले मुकेश उपाध्याय भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने अपने साथी बादशाह को बीरबल नृत्य के साथ ही अंतिम प्रणाम किया। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। चंद्रशेखर अग्रवाल की अंतिम यात्रा में पूरे ब्यावर शहर से हर वर्ग के लोग शामिल हुए। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी तो पुलिस ने होली नहीं खेली। कई निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। नृत्य करते ‘ बीरबल” मुकेश उपाध्याय। सुबह उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जिला प्रशासन की ओर से पुष्पचक्र अर्पित कर सम्मान के साथ विदाई दी गई। अंतिम यात्रा भी उसी शैली में निकाली गई, जैसे बादशाह की सवारी निकलती है। रास्ते भर लोग गुलाल उड़ाते रहे और जयकारे लगाते रहे। इस दौरान जिला व्यापार संघ, सर्राफा संघ, इमामबाड़ा नौजवान कमेटी, किराणा मर्चेंट एसोसिएशन सहित समाज-संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इधर, पुलिस ने बादशाह मेले के अगले दिन मनाई जाने वाली पुलिस विभाग की होली का आयोजन नहीं किया। यहां पुलिस बादशाह मेले की सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त रहने के कारण एक दिन देरी से होली मनाती है।


