जोधपुर का 106 साल पुराना कर्ज उतारेगा इजराइल:सीवरेज पानी से फसलें उगाने की तकनीक देगा; प्रथम विश्वयुद्ध में हाइफा शहर को जोधपुर के सैनिकों ने छुड़ाया था

दुश्मनों से अपने शहर हाइफा को मुक्त करवाने का जोधपुर का कर्ज इजराइल अब उतारने जा रहा है। इजराइल हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले उपचारित पानी से फसलें उगाएगा। इसके लिए सालावास स्थित 50-50 एमएलडी क्षमता के दोनों एसटीपी का निरीक्षण कर प्लान बनाया है। फिलहाल, एसटीपी से निकलने वाला 100 एमएलडी पानी जोजरी में व्यर्थ बहता है। इस पानी से उगाई फसलें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होगी। इजराइल के लिए जोधपुर के सैनिकों ने युद्ध लड़ा बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी, इजराइल में विजिटिंग फैकल्टी खींवराज जांगिड़ ने बताया कि प्रथम विश्वयुद्ध में तुर्की की सेना ने इजराइल के शहर हाइफा पर कब्जा कर लिया था। तब मेजर दलपतसिंह देवली के नेतृत्व में जोधपुर के जांबाजों ने दुश्मनों से लोहा लिया था। इस युद्ध में जोधपुर के जवानों ने तोप, बंदूक, बारूद से लैस दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया था। इस युद्ध में मेजर दलपतसिंह देवली अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। आज भी हाइफा में मेजर दलपतसिंह सहित अन्य शहीदों के नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखे हैं। 3-4 माह बाद काम शुरू होगा इजराइल का प्रतिनिधि मंडल इजराइल एम्बेसी के नीरज गेलावत के नेतृत्व में जोधपुर आया था। उन्होंने राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम के साथ निगम दक्षिण के दोनों एसटीपी का अवलोकन कर यहां कार्य करने की कवायद शुरू कर दी है। ट्रीटेड जल का वितरण जेडीए की ओर से चिह्नित क्षेत्रों के किसानों को किया जाएगा। इजरायल राजदूत व जोधपुर के बीच एमओयू होने की तैयारी है। इससे पहले इजरायल की टीम एक ब्रीफ नोट बनाकर जोधपुर जिला प्रशासन को सौंपेगी। इसके साथ एक प्रपोजल भी सौंपा जाएगा। इसके बाद डब्ल्यूआरडी व इजराइल सरकार के बीच एमओयू साइन होगा। एमओयू साइन होने के करीब 3 से 4 माह में कार्य शुरू हो जाएगा। सालावास के आसपास करीब 3 हजार हेक्टेअर में फसल उगेगी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में 100 एमएलडी उपचारित पानी से सालावास के आसपास 3 हजार हेक्टेअर में फसल उगाई जा सकेगी। इजराइल के पास जब यह प्रपोजल पहुंचा तो जोधपुर का कर्ज उतारने के लिए प्रोजेक्ट पर काम करने की हामी भर दी। इजराइल दूतावास राजस्थान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व वाटर डवलपमेंट डिपार्टमेंट के अलावा अन्य विभागों के साथ मिलकर कार्य करेगा। तकनीक : पहले पानी की क्वालिटी सुधारेंगे, फिर माइक्रो इरिगेशन से बेहद कम पानी से खेती होगी इजराइल सालावास एसटीपी का अपग्रेडेशन करेगा। टीम पहले पानी की क्वालिटी पर काम करेगी। माइक्रो इरिगेशन पद्धति से सिंचाई होगी। इससे बेहद कम पानी में ज्यादा फसलें होंगी। पाइप लाइन से ट्रंक लाइन खींची जाएगी। प्रेशर पंप से खेतों में उपयोग किया जाएगा। “इजराइली टीम ने एसटीपी व आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया है। जेडीए ने जमीन चिह्नित कर ली है। शुरुआती चरण में 3000 हेक्टेयर में साल में 4 फसलें होंगी।” – शिल्पी शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्थान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

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