जोधपुर जिले में 900 प्राइमरी और 800 सैंकडरी निजी स्कूल हैं। कुल मिलाकर जिलेभर में 1700 स्कूलों के लिए आरटीई के तहत आवेदन किया जा सकता है। पिछले सत्र में जिलेभर में करीब 9 हजार स्टूडेंट को RTE के तहत प्रवेश दिया गया था। इस बार भी आंकड़ा इसके आसपास ही रहने की संभावना है। जोधपुर शहर में पहले नगर निगम उत्तर और नगर निगम दक्षिण थे। नगर निगम उत्तर में रहने वाले नगर निगम दक्षिण के एरिया स्थित निजी स्कूलों में आरटीई प्रवेश के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। ऐसे ही नगर निगम दक्षिण में रहने वाले निगम उत्तर की स्कूलों में आवेदन नहीं कर पा रहे थे। सरकार ने अब दो निगमों की व्यवस्था खत्म कर एक कर दिया है। इसका फायदा यह होता कि शहरवासी बच्चों के एडमिशन के लिए पूरे शहर के किसी भी निजी स्कूल के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि एडमिशन में प्राथमिकता वार्ड वालों को ही मिलेगी। इसके बाद सीट खाली रहने पर अन्य वार्ड वालों को प्रवेश मिल सकेगा। स्कूल क्रांति संघ राजस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोगेंद्र गौड़ ने कहा- एक निगम होने से पूरे शहर के स्कूलों के लिए आवेदन किया जा सकता है। लेकिन आवेदन करते समय पोर्टल पर अभी भी उत्तर और दक्षिण दोनों निगम दिख रहे हैं। इससे बच्चों को इस व्यवस्था का फायदा नहीं मिल पा रहा। इसके बारे में बीकानेर में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया।
अबकी बार ये होगा पहली बार.. चार क्लास में हो सकता एडमिशन
आरटीई के तहत अब तक केवल नर्सरी और पहली क्लास में ही एडमिशन हो पाता था। ऐसे में अभिभावक नर्सरी या फिर पहली क्लास के लिए ही आवेदन कर सकते थे। वहीं इस बार नियमों में बदलाव किया गया है। इस बार पैरेंट्स नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली क्लास में एडमिशन के लिए आवेदन कर रहे हैं। झूठा आय प्रमाण पत्र देने पर देनी होगी डबल फीस
इस बार आवेदन पत्र में पहली बार पैन कार्ड की जानकारी मांगी गई है। यदि पैरेंट्स के पास पैन कार्ड है तो उसे पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। हालांकि जिन पैरेंट्स के पास पैन कार्ड नहीं है, उनके लिए पैन नंबर देना जरूरी नहीं होगा। पैन नंबर के आधार पर शिक्षा विभाग या प्राइवेट स्कूल आय की जांच कर सकेंगे। यदि कोई पैरेंट्स फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश दिलाता है तो उससे स्कूल की मूल फीस की दोगुना राशि वसूली जाएगी। इसके साथ ही संबंधित स्कूल अभिभावक पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकेगा। यहां कर सकते हैं शिकायत
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश से जुड़ी शिकायतों के लिए शिक्षा विभाग ने बनाया हुआ है। इस पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अभिभावक वेबपोर्टल http://www.rajpsp.nic.in/ के होम पेज पर आरटीई परिवेदना-शिकायत पर क्लिक करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


