जोधपुर-जैसलमेर के बीच 121 की स्पीड से दौड़ी ट्रेन:ट्रैक अपग्रेडेशन के बाद हाई-स्पीड ट्रायल सफल, अब 100 किमी के पुराने प्रतिबंध से मिली मुक्ति

थार के रेगिस्तान में अब रेलगाड़ियाँ नई रफ्तार के साथ उड़ान भरती नजर आएंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने ट्रैक सुधार अभियान के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंडल के जोधपुर-जैसलमेर रेलखंड पर हाल ही में 121 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हाई-स्पीड ओएमएस (ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम) रन का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण न केवल सफल रहा, बल्कि इसने इस सेक्शन पर लंबे समय से चले आ रहे 100 किमी प्रतिघंटा के स्पीड प्रतिबंध को भी पीछे छोड़ दिया है। अब इस रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे जैसलमेर की कनेक्टिविटी और सुगम होगी। ट्रैक की गुणवत्ता में ‘जीरो’ खामी, तकनीकी टीम की बड़ी जीत मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस खंड को उच्च गति के लिए तैयार करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे इंजीनियरिंग विभाग ने सुनियोजित अनुरक्षण और आधुनिक ट्रैक मशीनों के उपयोग से पूरा किया। ट्रायल के दौरान सबसे सुखद परिणाम यह रहा कि 0.2 जी (G) से अधिक का कोई भी ‘पीक’ दर्ज नहीं हुआ। रेलवे की तकनीकी भाषा में इसका अर्थ यह है कि 121 की रफ्तार पर भी ट्रेन में यात्रियों को झटके महसूस नहीं हुए और ट्रैक की बनावट पूरी तरह स्थिर व सुरक्षित पाई गई। टीम वर्क से मिली सफलता इस सफलता के पीछे इंजीनियरिंग मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, सहायक मंडल इंजीनियर (जैसलमेर) की टीम और ट्रैक मशीन स्टाफ की महीनों की मेहनत है। डीआरएम ने बताया कि भविष्य में इस सुधार का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैक की गुणवत्ता बेहतर होने से रेल सफर पहले से अधिक सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा। क्या है ओएमएस तकनीक, जिससे मापी गई रफ्तार? ट्रायल के दौरान इस्तेमाल की गई ओएमएस (Oscillation Monitoring System) तकनीक भारतीय रेलवे की एक आधुनिक प्रणाली है। सटीक मापन: यह सिस्टम चलती ट्रेन में लगाया जाता है, जो ट्रैक पर होने वाले सूक्ष्म कंपन और झटकों को रिकॉर्ड करता है। रियल-टाइम एनालिसिस: यदि ट्रैक पर कहीं भी मामूली सी भी खामी होती है, तो यह सिस्टम तुरंत उसकी पहचान कर लेता है। मेंटेनेंस में मददगार: इस डेटा के आधार पर इंजीनियरिंग विभाग उन विशिष्ट बिंदुओं (Spots) पर मरम्मत कार्य करता है, जहां सुधार की गुंजाइश होती है। पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा जोधपुर-जैसलमेर रेलखंड सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। जैसलमेर आने वाले हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यह खबर राहत भरी है। ट्रैक अपग्रेड होने से भविष्य में वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी इस रूट पर प्रबल हो गई हैं।

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