जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के दोनों अध्यक्ष सलीम खान व नरेश जोशी की अध्यक्षता में हुई संयुक्त बैठक में पीसीसी उपाध्यक्ष जगदीश चंद्र जांगिड़ के मुख्य आतिथ्य में हुई। इसमें जोधपुर नगर निगम के परिसीमन को पूर्णतया गलत और अव्यवहारिक करार देते हुए कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन पर सत्ताधारी नेताओं का दबाव है। जांगिड़ ने कहा कि वार्डों के परिसीमन और पुनर्गठन में असमानता है। गलत और मनमाने तरीके से हो रही इस प्रक्रिया पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। जिलाध्यक्ष खान व जोशी ने कहा कि जनसंख्या के कई ब्लॉक ऐसे हैं, जो कई वार्डों में दर्शाए गए हैं, कई क्षेत्र भी ऐसे हैं जो 2 या 3 वार्डो में अंकित किए गए हैं। नियमानुसार सभी वार्डों की जनसंख्या लगभग समान रहनी चाहिए, लेकिन ड्राफ्ट से स्पष्ट दिख रहा है कि कई वार्डों की तुलना में जनसंख्या 5000 वोटों का अंतर है। वर्ष 2011 में जनगणना तक शहर का अधिकांश हिस्सा परकोटे में सिमटा था, लेकिन अब ये बहुत बढ़ चुका है। उस समय जिस क्षेत्र में जनसंख्या शून्य थी, वहां अब नई कॉलोनियों की बसावट के कारण आबादी का घनत्व हो गया है। “एक प्रदेश एक चुनाव” सरकार भयभीत पीसीसी सदस्य राजेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि एक प्रदेश एक चुनाव के नाम पर अब सरकार भयभीत हो चुकी है। डेढ़ साल से चल रही पर्ची सरकार की उपलब्धि शून्य है। अब तो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने भी राजस्थान सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। महापौर कुन्ती परिहार ने कहा कि जिस तरह से लूणी और भोपालगढ़ के कुछ क्षेत्र नगर निगम में जोड़े गए हैं, कॉंग्रेस उसका स्वागत करती है, लेकिन जितना क्षेत्र और जनसंख्या जोड़ी गई है, उस अनुपात में वार्ड नहीं बढ़ाए गए हैं। वार्डों की संख्या बढ़ाने के साथ निगम भी पुन: दो किए जाएं। कांग्रेस दर्ज कराएगी आपत्तियां पूर्व विधायक मनीषा पंवार ने बताया कि प्रशासन ने आपत्तियों के लिए 17 अप्रैल तक का समय दिया है। इस बीच, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अपनी आपत्तियां दर्ज करवाएगी। उन्होंने कहा कि बार-बार वार्ड परिसीमन होने से आमजन के एड्रेस में तब्दीली होती है। जिससे बहुत से कार्य प्रभावित होते हैं। प्रशासन ने कांग्रेस की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया, तो कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।


