जौरा में सरकारी आदेश की अनदेखी:कड़ाके की ठंड में हो रहा कोचिंग का संचालन; DEO ने कही कार्रवाई की बात

मुरैना के जौरा कस्बे में कड़ाके की ठंड के बीच कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। कोचिंग संचालक सुबह 5 बजे से बच्चों को बुलाकर पढ़ा रहे है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निजी कोचिंग संस्थानों के साथ सरकारी स्कूल के शिक्षक भी निजी कोचिंग केंद्र चला रहे हैं। ठिठुरन के बीच कोचिंग जाते बच्चों को देखकर अभिभावकों में नाराजगी है। कई अभिभावकों ने प्रशासन से कोचिंग बंद अलसुबह लगने वाली कोचिंग बंद कराने की अपील की है। उनका कहना है कि ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। सरकारी शिक्षकों पर कोचिंग संचालन का आरोप स्थानीय लोगों ने बताया कि, कस्बे के कई सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक लंबे समय से अपने घरों में निजी कोचिंग सेंटर चला रहे हैं। यह गतिविधि शिक्षा विभाग के नियमों का उल्लंघन है, लेकिन प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है। अब तक किसी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड में सुबह जल्दी उठकर पढ़ने जाना बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। ठंड से वायरल संक्रमण, हाइपोथर्मिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद कोचिंग संचालकों द्वारा कोई रियायत नहीं दी जा रही है। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एसके सक्सेना ने बताया- शासकीय स्कूल के शिक्षकों को ट्यूशन पढ़ाने का अधिकार नहीं है। अगर शिक्षक पढ़ा रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोचिंग संचालकों को लेकर हमारी कलेक्टर से बात हुई थी कि स्कूल के समय कोचिंग का संचालन न किया जाए। लेकिन, इसका यह मतलब नहीं है कि छात्रों को 5 बजे या रात 8 बजे के बाद बुलाया जाए।

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