राष्ट्र संत आचार्य पुलक सागर महाराज के डूंगरपुर शहर में मंगल प्रवेश के बाद सोमवार से ज्ञान गंगा महोत्सव की शुरुआत हुई। जैन समाज के लोगों ने पहले राष्ट्र संत पुलक सागर महाराज संघ का पूजन किया। महाराज के जयकारे लगाए। राष्ट्र संत पुलक सागर महाराज की ओर से सोमवार से ज्ञान गंगा महोत्सव की शुरुआत की गई। शहर के बैंकर्स स्ट्रीट में आयोजित महोत्सव के पहले दिन सुबह के समय कई धार्मिक अनुष्ठान हुए। भगवान का अभिषेक किया गया। विधि विधान के साथ पूजन के बाद राष्ट्र संत पुलक महाराज ने प्रवचन में वाणी का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में वाणी का सबसे ज्यादा महत्व है। अगर बोलने वाला अच्छा हो तो उनका सबकुछ अच्छा होता है। आचार्य पुलक सागर महाराज ने कहा कि डूंगरपुर के लोगों को बदल पाऊं या नहीं बदल पाऊं, लेकिन संबोधन बदल दिया तो एक बात याद रखना डूंगरपुर वालो। जहां संबोधन अच्छे होते हैं, वहां संबंध अच्छे होते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बात बहुत छोटी होती है, लेकिन शब्दों से ही महाभारत होती है और शब्दों से ही जीवन में आनंद की बरसात भी होती है। इसलिए हमेशा मीठा बोलो। उन्होंने महिलाओं को अपने मीठे बोल से दोनों परिवारों को खुश रखने की नसीहत दी। प्रवचन के दौरान पांडाल में मौजूद लोगों ने जयकारे लगाए। ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत 20 दिसंबर तक राष्ट्र संत पुलक सागर महाराज के प्रवचन होंगे। जिसमें डूंगरपुर के साथ ही उदयपुर और बांसवाड़ा सहित कई जगहों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।


