झांसी में जेलर पर हमला करने वाले को पुलिस ने मुठभेड़ में गोली मार दी। बदमाश के पैर में गोली लगी है। उसे झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। आरोपी की पहचान सुमित के रूप में हुई है। वह हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव का बेटा है। जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता पर 14 दिसंबर को हमला हुआ था। पेड़ों की ओट लेकर भाग रहा था, दोनों तरफ से गोलियां चलीं
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने कहा- गुरुवार को नवाबाद थाना पुलिस व स्वाट टीम को जानकारी मिली कि सुमित सुकुवां-ढुकवां कॉलोनी के पीछे जंगल में अपने साथी का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने जंगल की घेराबंदी की। इसके बाद सुमित ने फायरिंग कर दी। वह पेड़ों की ओट लेता हुआ भाग रहा था। करीब 20 मिनट तक पुलिस ने सुमित का पीछा किया। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग होती रही। इस बीच पुलिस की एक गोली सुमित के दाएं पैर में लग गई, जिससे वह गिर पड़ा। पुलिस ने उसे अरेस्ट करने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया है। हॉट-टॉक से नाराज थे हिस्ट्रीशीटर के बेटे
जेलर पर हमला क्यों हुआ? इस सवाल पर एसपी सिटी ने कहा- हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव से जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता की हॉट टॉक हुई थी। इसको लेकर उनके दोनों बेटों ने जेलर को टारगेट पर ले लिया था। यही वजह है, उन पर हमला किया गया। फरार आरोपियों की लोकेशन के सवाल पर एसपी सिटी ने कहा कि उन्हें भी जल्दी पकड़ लिया जाएगा। अब जेलर पर हमले की पूरी कहानी… हिस्ट्रीशीटर से मुलाकात के बाद किया हमला
वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि खुफिया विभाग और प्रशासन को इनपुट मिला था कि बदमाश जेल में गिरोह बनाकर किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके साथ जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान शातिर अपराधियों को अलग-अलग जेल में शिफ्ट करने की कही थी। डीएम के आदेश पर कमलेश यादव समेत 5 अपराधियों को दूसरे जनपद की जेल में शिफ्ट करा दिया गया था। इसके बाद से बदमाश जेलर से खुन्नस रखने लगे थे। जांच में सामने आया है कि 7 दिसंबर को सुमित और अमित ने हमीरपुर जेल में अपने पिता कमलेश से मुलाकात की थी। इसके बाद 11 दिसंबर को कमलेश से उसकी पत्नी सुमित्रा, बेटे सुमित और पुलिया नंबर- 9 में रहने वाले बलवीर ने जेल में मुलाकात की थी। दो दिन बाद 14 दिसंबर को हिस्ट्रीशीटर के दोनों बेटों सुमित और अमित ने जेलर पर हमला कर दिया था। हिस्ट्रीशीटर के दोनों बेटों को केस में किया था नामजद
पुलिस ने जेलर पर हमला करने वाले सुमित और अमित को नामजद कर लिया। उनके साथ दो अज्ञात बदमाश भी हमले में शामिल थे। जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता की शिकायत पर नवाबाद थाने में चारों के खिलाफ रास्ता रोककर हत्या की कोशिश करने, गाली गलौज करने और सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया। पुलिस हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव की हमले में भूमिका की भी जांच कर रही है। ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जा रहे थे जेलर
जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता पिछले 2 साल से झांसी में तैनात हैं। हैदराबाद में 16 से 20 दिसंबर तक उनकी जेल सुधार को लेकर ट्रेनिंग थी। उसमें हिस्सा लेने जेलर 14 दिसंबर को हैदराबाद जा रहे थे। वह ऑटो से स्टेशन जा रहे थे। साथ में जेल वार्डर अर्जुन सिंह भी था। जब उनका ऑटो दोपहर 12.15 बजे डीआरएम ऑफिस के पास पहुंचा, तो सफेद रंग की एक कार ऑटो के आगे आकर खड़ी हो गई। इससे ऑटो रुक गया। कार से हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव के बेटे सुमित यादव और अमित यादव अपने दो साथियों के साथ नीचे उतरे। चारों ने गाली गलौज करते हुए ऑटो से जेलर और जेल वार्डर को बाहर खींच लिया। फिर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले के बाद चारों कार से भाग गए। हमले में जेलर का हाथ फ्रैक्चर हो गया था। हिस्ट्रीशीटर कमलेश पर दर्ज हैं 38 केस
प्रेमनगर के पुलिया नंबर- 9 में रहने वाला कमलेश यादव हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। पुलिस के अनुसार, उसके ऊपर हत्या, लूट, डकैती समेत अन्य कई धाराओं में 38 मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। पिछले डेढ़ साल से वह जेल में बंद है। हालांकि, अभी तक उसे किसी मामले में सजा नहीं सुनाई गई। ——————————- यह खबर भी पढ़ें संसद में घायल फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ICU में, भतीजा बोला- राहुल गांधी ने बदला लिया; मोदी-योगी ने की फोन पर बात फर्रुखाबाद से भाजपा सांसद मुकेश राजपूत लोकसभा में हंगामे के दौरान गिरकर घायल हो गए। उन्हें तुरंत राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको आईसीयू में भर्ती कराया गया। हालत स्थिर है। उनका अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन कराया गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर


