राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर झाबुआ जिले के मदरानी क्षेत्र में आगामी 11 जनवरी 2026 को प्रस्तावित हिंदू सम्मेलन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को आयोजन स्थल पर विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया और धर्म ध्वज यात्रा निकाली गई। धर्म ध्वज यात्रा से कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत सुबह केसरिया ध्वजों के साथ की गई। ढोल-मजीरों और भजनों के बीच धर्म ध्वज यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने “जय श्री राम” के जयकारे लगाए। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। संतों की उपस्थिति में हुआ भूमि पूजन धर्म ध्वज यात्रा के बाद आयोजन स्थल पर संतों और धर्माचार्यों की मौजूदगी में भूमि पूजन संपन्न हुआ। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन किया गया और आगामी सम्मेलन की सफलता की कामना की गई। समाज को एकजुट करने का संकल्प आयोजन समिति ने बताया कि हिंदू सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज को जाति-पाति से ऊपर उठाकर एकजुट करना है। इसके माध्यम से सनातन संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 11 जनवरी को होगा भव्य सम्मेलन समिति के अनुसार 11 जनवरी 2026 को होने वाले मुख्य सम्मेलन में देश और प्रदेश के संत, धर्माचार्य और सामाजिक चिंतक शामिल होंगे। सम्मेलन में संतों के प्रवचन, धर्म और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम तथा समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। तैयारियों में जुटे स्वयंसेवक और नगरवासी सम्मेलन को सफल बनाने के लिए नगरवासी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से तैयारियों में लगे हुए हैं। RSS के शताब्दी वर्ष के इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह और नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।


