झाबुआ जिले के रोटला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में बाइबिल पाठ और प्रार्थना सभाओं का वीडियो सामने आया है। मंगलवार को परिजन के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षक बबीता डाबी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, छात्राओं पर उनकी मर्जी के खिलाफ ईसाई प्रार्थना करने और बाइबिल पढ़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। मना करने पर उन्हें हॉस्टल से निकालने और करियर बर्बाद करने की धमकियां दी जाती थीं। डर के कारण 10-12 छात्राओं ने छोड़ा हॉस्टल इस मानसिक प्रताड़ना और डरावने माहौल की वजह से करीब 10 से 12 छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ दिया है। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी संस्थान में इस तरह किसी विशेष धर्म का प्रचार करना नियमों का खुला उल्लंघन है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब जिले में पहले से ही धार्मिक मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है। जांच के आदेश सरकारी नियमों के मुताबिक किसी भी शासकीय शैक्षणिक संस्थान में धार्मिक प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस मामले पर शिक्षा परियोजना समन्वयक रालूसिंह सिंगार ने कहा है कि विभाग को शिकायत मिल गई है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


