झारखंड की माटी की कला को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को ऑड्रे हाउस गवाह बना एक शानदार हुनर प्रदर्शन का। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), नई दिल्ली और झारखंड सरकार के बीच हुए समझौते के तहत विदेशी दौरों के लिए कलाकारों का चयन करने के लिए सुबह 11 बजे बजे से ऑडिशन आयोजित किया गया। इसमें राज्य के दिग्गज कलाकारों व दलों ने कला का ऐसा जादू बिखेरा कि हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया। निर्णायक के रूप में पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी, पद्मश्री महाबीर नायक, मनपूरण नायक, नंदलाल नायक, राकेश रमण मौजूद थे। विनोद महतो के दल ने घोड़ा नृत्य किया सांस्कृतिक कार्य निदेशालय द्वारा आयोजित इस चयन प्रक्रिया में पद्मश्री अवार्डी शशधर आचार्य व तपन पटनायक जैसे दिग्गजों के नेतृत्व में सरायकेला छऊ की प्रस्तुति हुई। प्रभात महतो के दल ने मानभूम छऊ के जरिए जोश भरा, तो अशोक कच्छप, गुलाप सिंह मुंडा व शिवशंकर महली के दलों ने पाइका नृत्य की वीरतापूर्ण मुद्राओं से मंच पर समां बांध दिया। मुंडारी नृत्य के लिए सुखराम पाहन व लखन गुड़िया के दलों ने जनजातीय संस्कृति की झलक पेश की। विनोद महतो के दल ने घोड़ा नृत्य के साथ दावेदारी की।


