झारखंड की अर्थव्यवस्था ने नया रिकॉर्ड बनाया बनाया। राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2011-12 के मुकाबले 2024-25 में बढ़कर दोगुनी हो गई है। प्रति व्यक्ति आय भी पहली बार एक लाख रुपए के आंकड़े का पार कर गया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा शनिवार को विधानसभा में पेश 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक 2011-12 में स्थिर कीमतों पर झारखंड की जीएसडीपी 1,50,918 करोड़ रुपए थी, जो 2024-25 में 3,30,178 करोड़ रुपए हो गई। वहीं नाममात्र जीएसडीपी भी 5,116,255 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जो इस अवधि में तीन गुना से ज्यादा बढ़ोतरी है। वित्त वर्ष 2024-25 में झारखंड की वास्तविक विकास दर 7.02% रही, जो राष्ट्रीय औसत 6.5% से अधिक है। यह लगातार चौथा साल है, जब राज्य की ग्रोथ 7 प्रतिशत से ऊपर रही। महामारी के दौरान 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 5.30% गिरावट आई, जो राष्ट्रीय गिरावट 5.8% से कम था। -शेष पेज 11 पर मातृ-शिशु मृत्यु दर भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर झारखंड में मातृ मृत्यु दर 2016 में 1,00,000 जीवित जन्मों पर 165 से घटकर 2021-23 में 54 हो गई। जो पिछले एसआरएस चक्र 2020-22 में 76 से 29 प्रतिशत तक की कमी है। वहीं शिशु मृत्यु दर 1,000 जीवित जन्मों पर 25 हो गई। जो राष्ट्रीय आैसत 28 से कम है। श्रम बल भागीदारी दर राष्ट्रीय से 3.7% अधिक श्रम बल भागीदारी दर 45.1% (2017-18) से बढ़कर 63.8% (2023-24) हो गई है। यह राष्ट्रीय आैसत 60.1 प्रतिशत से 3.7 प्रतिशत अधिक है। वहीं श्रमिक जनसंख्या अनुपात 43.9 प्रतिशत से बढ़कर 66.9 प्रतिशत हो गया है। बेरोजगारी 7.5 प्रतिशत से घटकर 1.3 प्रतिशत हो गई है। महिला साक्षरता में पुरुषों की तुलना में 5 गुणा तेजी से सुधार: झारखंड की साक्षरता दर 2023-24 में 76.70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जो राज्य गठन के समय 53.56 प्रतिशत थी। हालांकि राष्ट्रीय औसत 80.9 प्रतिशत है, जिसके कारण 4.2 प्रतिशत का अंतर अभी भी बना हुआ है। वहीं महिला साक्षरता में पुरुषों की तुलना में 5 गुणा तेजी से सुधार हुआ है। वर्ष 2019-20 में 17.3 प्रतिशत अंको का लैंगिग अंतर 2023-24 में 12.2 प्रतिशत अंको तक आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2024-25 में मुद्रास्फीति 4% रही, जो 2023 के 6% से कम है। प्रति व्यक्ति वास्तविक आय में भी करीग 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों की खरीद शक्ति बढ़ी है। वर्तमान मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 2024-25 में बढ़कर 1,16,663 रुपए पर पहुंच गई है। वहीं प्रति व्यक्ति वास्तविक आय 68,357 है। अनुमान बताता है कि 2025-26 में स्थिर मूल्य पर आय 71,944 रु. और 2026-27 में 75,670 रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं वर्तमान मूल्य पर 2025-26 में 1,25,677 रु. और 2026-27 में 1,35,195 रु. होने का अनुमान है।


