कोयला कारोबारी, ठेकेदार, जमीन कारोबारी निशाने पर झारखंड की जेलों से रंगदारी की घंटी बज रही है। जेल में बंद अपराधी लोगों को फोन पर धमकाकर रंगदारी मांग रहे हैं। लेकिन जेल प्रशासन इन्हें रोकने में लाचार है। दरअसल खुला जेल सहित राज्य में कुल 31 जेल हैं। इनमें 14 जेलों में जैमर ही नहीं है। वहीं, 17 जेलों में 41 जैमर लगे हैं, लेकिन 2जी जैमर। जबकि आज 4जी या 5जी मोबाइल चल रहे हैं। ऐसे में 2जी जैमर इन मोबाइल नेटवर्क को रोकने में सक्षम नहीं है। इसका लाभ जेल में बंद आपराधिक गिरोह के लोग उठा रहे हैं। उधर, अलग-अलग जेलों में बंद कुख्यात अपराधी जेल से ही अपनी हुकूमत चला रहा है। कोयला कारोबारी, ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर, जमीन कारोबारी और नेता इनके निशाने पर हैं। जेल से ही फोन कर इनसे रंगदारी मांगी जा रही है। इनकार करने पर शूटर भेजकर गोलियां चलवाई जा रही हैं। पुलिस जांच में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है कि जेल में बंद गैंगस्टरों के इशारे पर कई घटनाओं को अंजाम दिया गया है। हाल में हुई घटनाएं, जिनकी योजना विभिन्न जेलों में बनी 19 दिसंबर: जमशेदपुर के जेवर व्यवसायी से रंगदारी मांगी गई। व्यवसायी ने कदमा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। जांच में पता चला कि होटवार जेल में बंद अपराधी सोनू सिंह के इशारे पर रंगदारी मांगी गई। 5 दिसंबर: हजारीबाग में दीपक सिंह की हत्या की योजना जेल में बनी। 11 दिसंबर को हुए हत्याकांड में इस बात का खुलासा हजारीबाग एसपी ने किया था। 7 दिसंबर: जेल में बंद टीएसपीसी उग्रवादी प्रदीप गंझू के नाम पर लातेहार में कारोबारियों से रंगदारी मांगी जा रही थी। उग्रवादियों ने 2 नवंबर को बालूमाथ में हाइवा फूंका था। अन्य 2 जगह पर हाइवा में आगजनी की। 2 दिसंबर: पलामू के चैनपुर समेत अन्य जगहों पर माइंस कारोबारी समेत अन्य लोगों से सुजीत सिन्हा के नाम पर रंगदारी मांगी गई थी। पैसा नहीं देने पर अपराधियों ने माइंस क्षेत्र में गोलीबारी भी की थी। 25 नवंबर: पलामू के छतरपुर में पत्थर खदान और क्रशर मालिक से सुजीत सिन्हा के नाम पर रंगदारी मांगी गई। 2 शूटर पकड़े गए। दोनों ने पुलिस पूछताछ में सुजीत गैंग का सदस्य होने की बात स्वीकार की। 5 जी जैमर का प्रस्ताव फाइलों में ही दौड़ रहा राज्य की जेलों में 4जी-5जी जैमर लगाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था, लेकिन यह फाइलों में ही दौड़ रहा है। जेल विभाग आैर गृह विभाग के बीच इसको लेकर कई बार पत्राचार किया गया। सर्वे का काम भी हुआ। लेकिन विभाग कोई अंतिम फैसला नहीं ले सका। जब भी जेल से बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है तो जैमर को लेकर सवाल उठता है। पर फिर लटक जाता है। विधानसभा में भी झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने सवाल उठाया था। तब सरकार की ओर से कहा गया था कि जेलों में 2जी जैमर लगाया गया था, जिसे अपग्रेड नहीं किया गया। अब जेलों में 4जी जैमर का प्रस्ताव तैयार है। होटवार जेल में 199 सिमकार्ड एक्टिव रहने की हुई थी पुष्टि झारखंड एटीएस की एक रिपोर्ट में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में 199 सिमकार्ड चलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद खेलगांव थाने में तत्कालीन थानेदार मनोज कुमार महतो के बयान पर कांड संख्या 15/2022 दर्ज किया गया था। इसके बाद जेल में बंद कई कुख्यात को दूसरे जेल में शिफ्ट किया गया था। जेल आईजी ने फोन उठाया, न मैसेज का जवाब दिया: इस मामले में जेल प्रशासन का पक्ष लेने के लिए जेल आईजी सुदर्शन मंडल को पांच बार फोन किया। वॉट्सएप पर भी मैसेज भेजा। लेकिन उन्होंने न तो फोन रिसीव किया और न ही मैसेज का जवाब दिया। वहीं जेल एआईजी हामिद अख्तर से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने रिपोर्टर का फोन नंबर ही ब्लॉक कर दिया। प्रमुख 6 संगठित गिरोह जो जेल से चला रहे साम्राज्य… {सुजीत सिन्हा {अमन साहू {लवकुश शर्मा {अमन श्रीवास्तव {अखिलेश सिंह {सोनू सिंह इन जेलों में जैमर नहीं…सेंट्रल जेल गिरिडीह, सेंट्रल जेल देवघर, मंडल जेल साहिबगंज, मंडल जेल चास, मंडल जेल सिमडेगा, मंडल जेल पाकुड़, मंडल जेल गोड्डा, मंडल जेल साकची, उपकारा राजमहल, उपकारा घाटशिला, उपकारा रामगढ़, आेपन जेल हजारीबाग, उपकारा मधुपुर, उपकारा बरही। इनमें लगे हैं 2जी जैमर…बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल होटवार में 6 जैमर, सेंट्रल जेल दुमका में 4 जैमर, सेंट्रल जेल घाघीडीह में 3 जैमर, सेंट्रल जेल मेदिनीनगर में 2 जैमर लगे हैं। इसके अलावा मंडल कारा धनबाद, मंडल कारा चाईबासा, मंडल कारा लातेहार, मंडल कारा लोहरदगा, मंडल कारा गुमला में 2-2 जैमर हैं। मंडल कारा सरायकेला, मंडल कारा गढ़वा आैर उपकारा खूंटी में 3-3 जैमर लगे हैं जबकि मंडल कारा जामताड़ा, मंडल कारा कोडरमा, मंडल कारा चतरा, उपकारा तेनुघाटा में 1-1 जैमर लगे हैं। ये सभी जैमर 2जी नेटवर्क के हैं।


