झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन (22) की मंगलवार को मनाली में मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने आया था। वीर सोरेन के परिजन बुधवार सुबह उसका शव लेने मनाली पहुंचे। इस दौरान परिजन पोस्टमार्टम करने से मुकर गए। इसकी पुष्टि डीएसपी मनाली केडी वर्मा ने की। उन्होंने बताया कि अब शव को झारखंड ले जाया जाएगा। बताया जा रहा है कि सेथन गांव में अधिक ऊंचाई (हाई अल्टीट्यूड) के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उन्हें मनाली के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मनाली पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी की शाम सिविल अस्पताल से सूचना मिली कि वीर सोरेन को मृत अवस्था में लाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और शव का निरीक्षण कर फोटोग्राफी की। प्रारंभिक जांच में शव पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। जानकारी के मुताबिक, वीर सोरेन बाबूलाल के बेटे थे। वह 22 फरवरी को अपने दोस्तों के साथ मनाली पहुंचे और सिमसा स्थित एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। 23 फरवरी को वीर अपने दोस्तों के साथ सोलंग वैली और हाम्टा पास के समीप सेथन गांव घूमने गए थे। शाम को सभी वापस होटल लौट आए। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे वे होम-स्टे के आसपास घूमकर लौटे। सिर में तेज दर्द उठा इस दौरान वीर सोरेन ने सिर में तेज दर्द उठा। दोस्तों ने उन्हें दवा दी, जिसके बाद वीर सोरेन सो गए। करीब 2:30 बजे कमरे से गिरने की आवाज सुनाई दी। दोस्तों ने देखा कि वीर बिस्तर से नीचे गिरे पड़ा था। उन्हें तुरंत निजी वाहन से सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के दौरान उनके मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आई। डॉक्टरों ने सीपीआर दिया, जान नहीं बच पाई अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए काफी देर तक सीपीआर दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मनाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। इधर, चंपाई सोरेन रांची से मनाली के लिए रवाना हो गए हैं। इस घटना पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शोक व्यक्त किया है।


