जैक बोर्ड पेपर लीक मामले की जांच अब तेज हो गई है। कोडराम में पुलिस ने एक कोचिंग संचालक को गिरफ्तार किया है। एसडीओ रिया सिंह और एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह की टीम ने मरकच्चो के जामु निवासी प्रशांत कुमार साव को गिरफ्तार किया है। प्रशांत जामु में प्रज्ञा उच्च विद्यालय के नाम से एक विद्यालय और कोचिंग संस्थान चलाता है। वह 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को तैयारी करवाता है। इस मामले में डीसी मेघा भारद्वाज के निर्देश पर डीडीसी ऋतुराज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पूछताछ में प्रशांत ने पुलिस को बताया कि मरकच्चो के प्रिंस राणा नाम के एक छात्र ने उसे 20-25 विज्ञान के प्रश्नपत्र भेजे थे। यह पेपर 20 तारीख को जैक बोर्ड द्वारा पूछे गए प्रश्नों से बिल्कुल मेल खा गए। बेंगलुरु में इलाज के लिए गया हुआ है प्रिंस प्रश्नपत्र भेजने वाला प्रिंस राणा मूकबधिर है और वह खुद भी इस साल 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाला था। वह अपने पिता इंद्रदेव विश्वकर्मा व मां आरती देवी के साथ बेंगलुरु में इलाज के लिए गया हुआ है। वहां से कोडरमा आने के लिए उसकी ट्रेन छूट जाने के कारण वह परीक्षा नहीं दे पाया। उसके घर पर उसका छोटा भाई गौतम व उसकी दादी मौजूद है। छोटे भाई से भी पुलिस ने पूछताछ कर उसे छोड़ दिया है। प्रशासन के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि एक 10वीं के छात्र के पास परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कैसे पहुंचा। जिला प्रशासन और पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। प्रिंस की गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले का पूरा सच सामने आ सकेगा। प्रिंस की मां के खाते में जा रहे थे पैसे इधर, पुलिस द्वारा जांच पड़ताल में यह बातें सामने आईं कि इस मामले में जिस व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से प्रश्नपत्र देने व उसके एवज में जिस बारकोड के माध्यम से पैसे लिए जा रहे थे, वह पैसा मरकच्चो के नारियाही गांव निवासी प्रिंस राणा की मां आरती देवी के खाते में जा रहे थे। वहीं, जांच में यह बातें भी सामने आईं कि प्रिंस का मोबाइल कुछ दिनों पहले ही गुम हो गया था और जिस नम्बर से उक्त व्हाट्सएप्प ग्रुप चल रहा था, उस सिम को प्रिंस ने ना तो ब्लॉक करवाया था और न ही इसकी सूचना पुलिस को दी थी। परीक्षा शुरू होने के बाद ग्रुप हुआ एक्टिव
परीक्षा शुरू होने के बाद से ही ‘जैक बोर्ड क्वेश्चन पेपर क्लास 10 एंड 12 2025’ नाम से एक वॉट्सअप ग्रुप एक्टिव है। इस वॉट्सऐप ग्रुप और यूट्यूब के जरिए मैट्रिक और इंटर की होने वाली परीक्षा का 350 रुपए ऑनलाइन पेमेंट लेकर प्रश्न पत्र दिया जा रहा था। वॉट्सअप ग्रुप में 1000 सेअधिक लोग जुड़े हुए हैं। ग्रुप में प्रिंस नाम के एक युवक द्वारा ऑनलाइन पेमेंट वाला स्कैनर डालकर 350 रुपए पेमेंट करने पर प्रश्न पत्र देने की बात की जाती है। पेमेंट करने के बाद प्रश्नपत्र का पीडीएफ दिया जाता है। पीडीएफ खोलने के बाद पासवर्ड मांगा जाता है। पासवर्ड को प्रिंस नाम के युवक के पास पेमेंट जाने के बाद वह देता है। इस मामले को लेकर मामला दर्ज करते हुए प्रशांत साव नामक एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आगे पूछताछ की जा रही है। -सौरव शर्मा, थाना प्रभारी, मरकच्चो —————————————- ये भी खबर पढ़िए झारखंड में 10वीं बोर्ड का साइंस-हिंदी का पेपर लीक:JAC ने रद्द किया एग्जाम, छात्र बोले-दो दिन से वायरल हो रहा था क्वेश्चन झारखंड बोर्ड ने गुरुवार को होने वाले साइंस और हिंदी की परीक्षा कैंसिल कर दिया है। बोर्ड ने ये फैसला साइंस और हिंदी के पेपर लीक के बाद लिया है। दरअसल, दसवीं कक्षा के साइंस का पेपर गुरुवार को लीक हो गया है। इससे पहले मंगलवार को हिंदी का पेपर भी परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक हो गया था। पढ़िए पूरी खबर…


