भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड के पार्टी नेताओं को निर्देश दिया है कि वे हर हाल में फरवरी तक मंडल से लेकर प्रदेश स्तर का सांगठनिक चुनाव संपन्न करा लें। इसमें विलंब नहीं होना चाहिए। इसके लिए युद्ध स्तर पर काम करें। पार्टी के सभी प्रमुख लोग सदस्यता अभियान में लग जाएं। ऐसी रणनीति बनाएं, जिससे प्रदेश के अधिकतर घर कवर हो जाएं। युवाओं को ज्यादा से ज्यादा से पार्टी से जोड़ें। सभी मोर्चे इस अभियान में लगने चाहिए। यह सदस्यता अभियान छह वर्षों के लिए चलाया जा रहा है। अन्य राज्यों में भी सदस्यता अभियान चल रहा है। रविवार को दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण समेत कई वरीय नेता थे। झारखंड की ओर से प्रदेश प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र राय शामिल हुए। प्रदेश के नेताओं ने झारखंड में चल रहे सदस्यता अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी जिलों और मंडलों में सदस्य बनाए जा रहे हैं। करीब 60 लाख सदस्य बनाए जाने के लक्ष्य पर प्रदेश संगठन काम कर रहा है। प्रदीप वर्मा बने झारखंड के चुनाव अधिकारी प्रदेश भाजपा महामंत्री प्रदीप वर्मा को झारखंड का चुनाव अधिकारी बनाया गया है। प्रदेश मंत्री गणेश मिश्र, सुनीता सिंह और दुर्गा मरांडी को सह चुनाव अधिकारी बनाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने इनके नामों की घोषणा की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा भेजे गए नामों की सूची में से चार नाम चयनित किए गए हैं। अब ये चार लोग ही अन्य नेताओं से सलाह लेकर सांगठनिक चुनाव की तिथि तय करेंगे। मंडल, जिला और प्रदेश की कमेटियां तीन वर्षों के लिए बनेंगी। जानकारी के अनुसार, सबसे पहले मंडल अध्यक्ष का चुनाव होगा। उसके बाद जिलाध्यक्ष का चुनाव होगा। सबसे अंत में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना है। चुने गए अध्यक्ष अपनी-अपनी कमेटी बनाएंगे। उसके बाद विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभागों का मनोनयन होगा। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद केंद्रीय संगठन अब झारखंड में पार्टी को नए सिरे से सुगठित करने की जुगत में है। ओडिशा के राज्यपाल पद से मुक्त होने के बाद रघुवर दास के झारखंड लौटने के बाद कई बिंदुओं पर मंथन हो रहा है। ऐसे में इस संभावना को बल मिला है कि पार्टी में संगठनात्मक बदलाव होगा। वर्तमान परिस्थिति में रघुवर दास का नाम नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अचानक चर्चा में आ गया है, जबकि बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की बात चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और चंपाई सोरेन के लिए भी भूमिकाएं तय की जानेवाली हैं। पद के लिए आयु सीमा तय : भाजपा ने अपने संगठन में युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए आयु सीमा तय कर दी है। मंडल अध्यक्षों की उम्र 35-45 साल निर्धारित की गई है। जिला अध्यक्ष की उम्र 45-60 वर्ष के बीच होगी। जिला अध्यक्ष के लिए संगठन में 7-8 वर्ष तक तक काम करने का अनुभव जरूरी किया गया है। झारखंड में पार्टी को नए सिरे से सुगठित करने की जुगत में है केंद्रीय संगठन सभी नेताओं को मिला अलग-अलग कोड प्रदेश से लेकर जिलों के नेताओं को अलग-अलग कोड दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि वे अपने-अपने कोड से सदस्य बनाएं, ताकि यह पता चल सके कि किसने कितने लोगों को सदस्य बनाया। प्राथमिक सदस्य बनने के बाद सक्रिय सदस्य बनने का नियम है। बैठक में जेपी नड्डा, बीएल संतोष, डॉ. के. लक्ष्मण भी रहे मौजूद


