झारखंड हाईकोर्ट में CM हेमंत की याचिका; सुनवाई आज:ED के समन की अवहेलना मामला, MP-MLA कोर्ट में सशरीर पेश होने का था आदेश

सीएम हेमंत सोरेन का ईडी के समन की अवहेलना मामले की सुनवाई अब झारखंड हाईकोर्ट में हो रही है। आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। रांची की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 25 नवंबर को सीएम हेमंत सोरेन की कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की याचिका को खारिज करते हुए चार दिसंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इस आदेश को हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी चुनौती याचिका पर आज सुनवाई होने वाली है। ईडी ने दायर की थी शिकायतवाद सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी ने समन की अवहेलना मामले में सीजेएम कोर्ट में शिकायतवाद दाखिल की गई थी। सीजेएम कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए हेमंत सोरेन को उपस्थित होने का आदेश दिया था, लेकिन वह कई तिथियों पर उपस्थित नहीं हुए थे। बाद में यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया। फिर यहां सीएम ने व्यक्तिगत पेशी से छूट का आग्रह किया। जिसे कोर्ट ने नकारा दिया। जिसके बाद वे हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे। हेमंत को भेजे गए 10 समन, दो में हुए उपस्थित सीएम हेमंत सोरेन को ईडी ने बड़गाई के 8.86 एकड़ जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 10 समन भेजे थे। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी ने हेमंत से उनका बयान दर्ज कराने को कहा था। लेकिन हेमंत पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे। इसके बाद ईडी ने फरवरी 2024 में रांची सीजेएम कोर्ट में एजेंसियों की अवज्ञा का केस दर्ज कराया था। बाद में यह केस पीएमएलए कोर्ट ट्रांसफर कर दिया था।
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सीएम हेमंत से जुड़ी इस खबर को पढ़ें… CM हेमंत ने बनाया कानून; हाईकोर्ट ने लगाई रोक:झारखंड में निजी कंपनियों में 75 फीसदी नौकरी स्थानीय लोगों को देने का था कानून सीएम हेमंत सोरेन के कार्यकाल में बने उसे कानून को लागू बनाए रखने पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया है कि झारखंड में निजी कंपनियों में 75 फीसदी नौकरी स्थानीय लोगों को ही देना है। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट में झारखंड स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (जेसिया) की ओर से याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अमित कुमार दास व शिवम उत्कर्ष सहाय ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड स्टेट इंप्लायमेंट ऑफ लोकल कैंडिडेट्स इन प्राइवेट सेक्टर कंपनी एक्ट-2021 बनाया है। इस कानून के तहत राज्य में संचालित निजी कंपनियों में 75 फीसदी पदों पर स्थानीय लोगों को नौकरी देने का प्रावधान है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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