झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में होली त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस के एक संयुक्त दल ने मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत क्षेत्र की तीन दूध डेयरी इकाइयों पर एक साथ छापा मारा गया। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि डिप्टी प्रेम कुमार चौधरी के निर्देशन में ग्राम मोगरा स्थित किसान डेयरी और सरोद स्थित श्रीराम डेयरी की जांच की गई। इन प्रतिष्ठानों से मिक्स दूध के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत जांच के लिए एकत्र किए गए। इस संयुक्त दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जी.एस. गुर्जर, भूराराम गोदारा, आशीष रावत, मुकेश गोचर, कंप्यूटर ऑपरेटर दिलीप कुमार भील और पुलिस बल के जवान शामिल थे। पगारिया स्थित कान्हा दूध डेयरी के बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) पर मारे गए छापे में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि डेयरी के पास बीएमसी के संचालन के लिए कोई वैध खाद्य अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) नहीं था। लगभग 5000 लीटर क्षमता की टंकी में करीब 250 लीटर दूध मिला, जिसकी मौके पर ही मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री से जांच कराई गई। जांच में यह दूध अमानक पाया गया। निरीक्षण के दौरान मिलावट के लिए उपयोग किए जा रहे कई पदार्थ भी बरामद किए गए। इनमें लगभग 15 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 12 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल, 3 किलो सोडियम बाइकार्बोनेट और चार खाली तेल के टिन शामिल हैं। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि दूध में स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन तेल और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए सोडियम बाइकार्बोनेट मिलाया जा रहा था। सभी बरामद खाद्य पदार्थों के नमूने खाद्य सुरक्षा मानक प्रयोगशाला, कोटा भेजे जा रहे हैं। वैध खाद्य अनुज्ञा पत्र नहीं पाए जाने पर स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन तेल, सोडियम बाइकार्बोनेट, लगभग 250 लीटर मिश्रित दूध और बीएमसी को मौके पर ही सीज कर दिया गया है।


