झालावाड़ में होली के अवसर पर शुद्ध देसी घी से बनी मिठाइयों और हानिकारक रसायनों से मुक्त हर्बल गुलाल उपलब्ध कराने के लिए एक स्टॉल का उद्घाटन किया गया। मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार पर शुक्रवार को सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार लिमिटेड की ओर से संचालित इस स्टॉल का शुभारंभ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और एसपी अमित कुमार ने फीता काटकर किया। स्टॉल पर सरस के शुद्ध देसी घी से निर्मित मिठाइयां उपलब्ध हैं, जो स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित बताई गई हैं। इनमें मोती चूर के लड्डू, बेसन के लड्डू, बेसन चक्की, मठरी और मक्खन वड़ा शामिल हैं। नई पीढ़ी को परंपरा से जोड़ना है उद्देश्य
झालावाड़ उपभोक्ता होलसेल भण्डार के महाप्रबंधक जयदीप सिंह हाड़ा ने बताया कि बाजार में पारंपरिक मिठाइयों की उपलब्धता कम हो रही है, जिससे नई पीढ़ी चॉकलेट और अन्य हानिकारक खाद्य पदार्थों का सेवन कर रही है। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को पुरानी परंपरा से जोड़ना और पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाना है। उन्होंने बताया कि बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और शुद्धता अक्सर संदिग्ध होती है। इसके विपरीत, उपभोक्ता भंडार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मिठाइयां शुद्धता सुनिश्चित करती हैं और घरों में बनने वाली पारंपरिक मिठाइयों जैसी हैं। इसके साथ ही हर्बल गुलाल भी उपलब्ध है। स्टॉल पर मिठाइयों की दरें इस प्रकार हैं: 500 ग्राम का एक गिफ्ट पैक भी उपलब्ध है, जिसमें सभी प्रकार की मिठाइयां शामिल होंगी। इसकी कीमत 175 रुपए प्रति नग है। दीपावली व होली के त्यौहार पर इस प्रकार का प्रयास
कलेक्टर ने कहा कि झालावाड़ जिले में परम्परागत मिठाईयों का प्रचलन लगभग नगण्य हो गया है, इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रयास किया है कि यहां की स्थानीय मिठाइयों को बिना किसी मुनाफे के न्यूनतम दरों में झालावाड़ की जनता को उपलब्ध कराया जाए। पुलिस हर्बल गुलाब से ही खेलेगी होली
एसपी अमित कुमार ने कहा कि लगातार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराने के लिए राजीविका की बहनों के इस प्रयास को आगे बढ़ते हुए वह पुलिस जवानों को हर्बल गुलाल से ही पुलिस होली खेलने के लिए निर्देश देंगे, इससे स्थानीय परंपरा भी मजबूत होगी और बहनों को रोजगार भी मिल सकेगा। वही एएसपी भागचंद मीना ने कहा कि त्योहार पर मिठाई और गुलाल दोनों ही शुद्ध हो, इसका उपयोग किया जाए, उन्होंने कहा कि थोड़ी देर की खुशी के लिए केमिकल युक्त गुलाल नुकसान दायक हो सकती है।


