छत्तीसगढ़ विधानसभा में हाल ही में झीरम कांड में शामिल आत्मसमर्पित नक्सलियों को कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया गया, जिस पर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र की हत्या करने वालों का सम्मान बताया। यह घटना 27 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हुई। आत्मसमर्पित नक्सलियों में पुरुष और महिलाएं शामिल थीं, जिनमें पूर्व नक्सल संगठन के नेता और सदस्य भी थे। इनमें से कुछ पर पहले इनाम भी घोषित था। केंद्र पर सीबीआई जांच ठुकराने का आरोप लगाया मोहन मरकाम ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झीरम कांड में कांग्रेस के 32 शीर्ष नेताओं की हत्या की गई थी। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई जांच की मांग ठुकराए जाने का भी जिक्र किया। मरकाम ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को विधानसभा में बुलाकर महिमामंडित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि समर्पण तक तो ठीक है, लेकिन उन्हें विधानसभा में लाकर क्या दिखाना चाहते हैं। इसी चर्चा के दौरान, मोहन मरकाम ने राज्यसभा जाने की संभावना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी हाईकमान का आदेश होगा और वे उन्हें राज्यसभा भेजना चाहेंगे, तो वे वहां भी पार्टी की सेवा करने के लिए तैयार हैं। उनका नाम पार्टी में राज्यसभा के लिए चल रहा है।


